नीलकंठ के मिलने से नौ लोगों के ऊपर से मिटेगा हत्या का कलंक
गोरखपुर। नीलकंठ नाम के जिस शख्स की हत्या का केस बिहार में दर्ज था, वह शहर में मानसिक रूप से बीमार हाल में मिले। नीलकंठ को बुधवार को बिहार पुलिस औपचारिकताएं पूरी कर साथ ले गई। नीलकंठ को देखकर आरोपी बनाए गए लोग खुश हो गए। संस्था ने नीलकंठ को पहले गोरखनाथ थाने की पुलिस को सुपुर्द किया, फिर वहां से औपचारिकताएं पूरी की गई। बिहार से आए सब इंस्पेक्टर राजेंद्र चौधरी ने कहा कि नीलकंठ को कोर्ट में पेश कर उसके जिंदा होने का सबूत देते हुए हत्यारोपी नौ लोगों को बेगुनाह साबित किया जाएगा।
बिहार के बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के मनिहारी गांव निवासी कविलाल मिश्र का पुत्र नीलकंठ मिश्रा आठ साल पहले गांव के विनोद मिश्र की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निकले थे। तब से वह वहां लापता थे। 10 महीने पहले नीलकंठ की मां हेमा देवी ने डीआईजी भागलपुर के सामने पेश होकर शिकायत की कि छह डिसमिल जमीन के लिए उनके पट्टीदारों ने नीलकंठ की हत्या कर दी है। बेलहर थाने की पुलिस ने हेमा देवी की तहरीर पर एक ही परिवार के नौ लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर आरोप तय कर दिया। सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। इसी बीच छह महीने पहले नीलकंठ गोरखपुर में स्माइल होम नामक संस्था को मिले। नीलकंठ की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। बीते दिसंबर से यह संस्था नीलकंठ का इलाज करा रही थी। लगातार काउंसलिंग के बाद उसने अपना नाम और पता बताया। तब संस्था के आजाद पांडेय ने बिहार की पुलिस को जानकारी दी। बुधवार की सुबह बिहार पुलिस राजेंद्र नगर स्थित इस्माइल होम संस्था के दफ्तर पहुंची। बिहार पुलिस ने सुपुर्दगी ले जाने की कोशिश की, पर परिवार का कोई सदस्य साथ न होने पर संस्था के आजाद पांडेय ने उनको गोरखनाथ थाने भेजा। थाने की जीडी में दर्ज होने के बाद संस्था ने नीलकंठ को गोरखनाथ थाने को सौंपा।