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मोबाइल फोन बताएगा अमूल्य प्राचीन मूर्तियों का इतिहास, पढ़ें कैसे काम करेगी डिजिटल पर्सनल गाइड

Thu, 28 Mar 2019 01:01 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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फाइल फोटो
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गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय में रखी मौर्य, गुप्त और मध्यकालीन मूर्तियों का इतिहास जानने के लिए अब गाइड की जरूरत नहीं होगी, पर्यटकों का मोबाइल ही गाइड बनेगा। डिजिटल पर्सनल गाइड उपकरण लगाए जाने के बाद कार्यदायी संस्था यूपी डेस्को ट्रायल कर रही है। 
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जल्द ही यह सुविधा पर्यटकों को मिलने लगेगी। राजकीय बौद्ध संग्रहालय में पांच गैलरी हैं। यहां पाषाण काल से मध्य काल तक की पुरातात्विक धरोहरें रखी गई हैं। बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म से जुड़ी तमाम पेटिंग, मूर्तियां भी हैं। 

इनके बारे में जानने के लिए पर्यटकों को अब तक गाइड का सहारा लेना पड़ता था। डिजिटल पर्सनल गाइड बनाने के लिए शासन के पिछले वर्ष 33.07 लाख रुपये दिया था।
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क्या है डिजिटल पर्सनल गाइड

परिसर में दाखिल होते हुए पर्यटक को उसके मोबाइल पर वाईफाई का सिग्नल मिलने लगेगा। वाईफाई को चुनते ही नीचे दिए डाउनलोड लिंक परराजकीय बौद्ध संग्रहालय की एप मिलेगी। 

डाउनलोड करने के बाद नंबर पंजीकृत कराने पर संग्रहालय में मौजूद पांचों गैलरी में रखी धरोहरें मोबाइल पर नजर आने लगेंगी। संबंधित धरोहर को छूते ही उसका इतिहास ऑडियो और वीडियो के रूप में आपके सामने आ जाएगा।

संग्रहालय में मौजूद अमूल्य धरोहरें
बौद्ध संग्रहालय में मौजूद अमूल्य धरोहरों में त्रिशूलधारी शिव, स्थानक विष्णु, शेषशायी विष्णु, नृत्यरत गणेश, बोधिसत्व, अभय मुद्रा में बुद्ध, दाढ़ीयुक्त लामा, गज लक्ष्मी, संगीत का आनंद लेते हुए राधा-कृष्ण, महिषादुर मर्दिनी, त्रिपुर सुंदरी, माखनचोर कृष्ण, विभास रागिनी, पंचतंत्र, देवी चंदा, शाक्य बुद्ध, बौद्ध देवता मंजूश्री, पद्मपाणि, नवग्रह, वाराही, अभय मुद्रा में स्थानक बुद्ध,  प्रभामंडलयुक्त विष्णु, तांत्रिक तामपत्र, बुद्ध का अंकनयुक्तहस्त कुठार, भेड़ा गाड़ी, मकर पर बैठा बंदर आदि शामिल हैं।
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय में डिजिटल पर्सनल गाइड लगाने का काम पूरा हो गया है। सुविधा की जांच की जा रही है। जल्द ही धरोहरों का इतिहास पर्यटक अपने मोबाइल से जान सकेंगे।
- डॉ. मनोज गौतम, उपनिदेशक राजकीय बौद्ध संग्रहाल
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