गोरखपुर। 2009 में पूर्ववर्ती मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य की ओर से इंजीनियरिंग कॉलेज में समूह ग और घ के नियुक्त 35 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। शासन ने प्राविधिक शिक्षा की ओर से कराई गई जांच में अनियमितता मिलने के बाद इन्हें हटाने का आदेश एमएमएमयूटी को दिया था। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के निर्णय के बाद बृहस्पतिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया।
वर्ष 2009 में एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बीबी सिंह ने समूह ग और घ श्रेणी में 35 कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। अनियमितता के आरोप के बाद शासन के प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से जांच क राई। इसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद शासन तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डा. बीबी सिंह पर दंड स्वरूप उनकी पेंशन से 30 फीसद धनराशि की कटौती की कार्रवाई भी कर चुका है।
साथ ही अभी कुछ माह पूर्व 2009 में नियुक्त 35 कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया था। शासन के आदेश के क्रम में बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेमजेंट ने इन कर्मचारियों को हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
शासन ने मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समय में की गई 35 नियुक्तियों को गलत मानते हुए उनकी सेवा समाप्ति संबंधी आदेश दिया था। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई थी। इसके बाद बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने इन कर्मचारियों की हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
- केपी सिंह, कुलसचिव, एमएमएमयूटी
कर्मचारियों का धरना शुरू
गोरखपुर। तकरीबन छह साल की नौकरी करने के बाद हटाए जाने से नाराज 35 कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया है। सेवा बहाल करने की मांग करते हुए इन कर्मचारियों ने आत्महत्या की चेतावनी दी है। दिन भर चले धरना प्रदर्शन के दौरान कुलसचिव वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने उनसे कोई बात नहीं की। हालांकि कुलपति ने सुबह के वक्त ही पुलिस बुला ली थी। धरना प्रदर्शन करने वालों में दुर्गेश कुमार यादव, श्याम प्रकाश यादव, प्रेम किशोर मिश्रा, जयराम शर्मा, नागेंद्र सिंह, अमित कुमार पांडेय, विनय कुमार पांडेय, विनय कुमार पांडेय, अर्चना कुमारी पांडेय, सिद्धेश्वर त्रिपाठी आदि शामिल थे।