ठंड से बेहाल जनजीवन पर सोमवार का दिन और भारी पड़ गया। पारा लुढ़ककर 4.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। सुबह और शाम पड़ रही गलन के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते रहे। रात होते ही प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसर गया। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को 10 से 18 किलोमीटर वेग से सर्द हवाएं चलने की संभावना है। इससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
पिछले तीन चार दिनों से तापमान लगातार गिर रहा है। सोमवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। हालांकि दोपहर में धूप निकली तो, लेकिन शाम होते ही सर्द हवाओं के चलने से ठंड बढ़ती गई। हालत ये रही कि सुबह स्कूल और ऑफिस जाने के लिए निकले लोग शाम होने से पहले घर पहुंचने की जद्दोजहद में लगे रहे। इसके चलते गोलघर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में रात आठ बजे ही सन्नाटा पसर गया। सोमवार को मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया।
जलवायु विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक, सोमवार को तापमान औसत से 5.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सर्द हवाएं चलने से गलन बरकरार रहेगी। सुबह कोहरा पड़ सकता है और तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।
थोड़ी सी लापरवाही बना सकती है बीमार
तापमान अचानक बदलने पर हाथ और पैर की नस सिकुड़ने लगती है। जिससे हार्ट अटैक, लकवा का खतरा बढ़ जाता है। त्वचा, आंख, नाक, कान सूखने लगते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरकेसी मिश्रा कहते हैं कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कोहरे से धूल, धुआं आसानी से ऊपर नहीं जा पाता है, जिसे स्मॉग कहते हैं। यह दमा के मरीजों की तकलीफ बढ़ा देता है। यहीं वजह है कि सुबह का टहलना इस मौसम में ठीक नहीं होता है। बच्चे और वृद्ध में तापमान को रेगुलेट करने की क्षमता कम होती है। ऐसे मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वही डॉ. अखिलेश कुमार सिंह कहते है कि शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। तापमान में अंतर की वजह से शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।