सर्किट हाउस में अधिकारियों संग बैठक करते राज्य सूचना आयुक्त सैयद हैदर अब्बास रिजवी।
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राज्य सूचना आयुक्त हैदर अब्बास रिजवी ने बृहस्पतिवार को विभिन्न विभागों में सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत लंबित 133 मामलों और विभिन्न विभागीय अधिकारियों पर आरोपित अर्थदंड की वसूली की समीक्षा की। लंबित मामलों की संख्या अधिक होने पर उन्होंने संबंधित विभागों के अफसरों पर नाराजगी जताई। साथ ही यह भी हिदायत दी की कि सूचना के लिए अगर किसी आवेदक को बेजा दौड़ाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अफसर एक्ट के मुताबिक तय समय के भीतर आवेदक को मुकम्मल सूचनाएं मुहैया कराएं।
कहा कि आवेदक को सूचना देने में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। आवेदक को सूचना समय से उपलब्ध करा दिया जाए ताकि किसी भी अधिकारी को आयोग के सामने प्रस्तुत न होना पड़े । उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया जाता है तो वसूली अब भू-राजस्व की तरह की जाए।
रिजवी ने बताया कि यदि 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग अगर जन सूचना के तहत कोई सूचना मांगते हैं तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समय से सूचना उपलब्ध कराया जाए। मौजूदा समय में ऐसा नहीं हो रहा, जिसक ी वजह से बुजुर्गों को तमाम दिक्कतों का सामना कर आयोग के सामने जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में देरी हुई तो अब आवेदक को क्षतिपूर्ति देनी पड़ेगी।
समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ओएन सिंह ने राज्य सूचना आयुक्त को आश्वासन दिया कि जिले में जो भी मामले लंबित हैं उनका जल्द निस्तारण कराया जाएगा साथ जिनपर अर्थदंड लगे हैं, उनसे उसकी वसूली कराई जाएगी। समीक्षा बैठक में एडीएम (प्रशासन) सुरेश चंद्र तिवारी समेत सभी एसडीएम और कई विभागों के अफसर मौज्ूाद थे।