दवा बैंक चलाएगा अमर उजाला फाउंडेशन, फेंकिए मत हमको दान दीजिए
गोरखपुर। आपके घर में दवाइयां पड़ी हैं। दवा का इस्तेमाल न हो और उसकी एक्सपायरी डेट न निकली हो तो आप उसे दान कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल किसी जरूरतमंद के इलाज में हो सकेगा। बड़े पैमाने पर निशुल्क स्वास्थ्य और रक्तदान शिविर लगाने की मुहिम के साथ ही ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ अब दवा बैंक भी चलाएगा। बैंक में उपलब्ध जिन दवाओं को चिकित्सक लिखेंगे, उसे मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
दवा बैंक चलाने में शहर के स्कूल और कॉलेज संचालकों का सहयोग लिया जाएगा। आपके घर में जो दवाइयां बची हैं, उसे अपने बच्चे की मदद से स्कूल भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करा दें। स्कूलों से दवाइयां अमर उजाला फाउंडेशन के पास आ जाएंगी। जो बच्चे स्कूलों में दवा जमा कराएंगे, उन्हें अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आमतौर पर देखा जाता है कि बीमारी के बाद हम डॉक्टर को दिखाते हैं। दवाइयां लेकर घर आते हैं, लेकिन ठीक होने के बाद दवा का कोर्स पूरा नहीं करते हैं। दवाइयां घर में ही पड़ी रहती हैं। एक्सपायरी डेट निकलने के बाद दवाइयां खराब होती हैं, फिर कूड़े में फेंकी जाती हैं। यदि फाउंडेशन के बैंक में दवाइयां आ जाएंगी तो किसी जरूरतमंद के काम आएंगी। यह पहला मौका है, जब गोरखपुर में दवा बैंक चलाने की मुहिम शुरू की जा रही है।
अनूठी मुहिम में शहर के चिकित्सकों-दवा व्यवसाइयों का भी सहयोग अपेक्षित
दवा बैंक की अनूठी मुहिम से शहर के चिकित्सक भी जोड़े जाएंगे। चिकित्सक सैंपल की दवाइयां दान कर सकते हैं। कई बार देखा जाता है कि सैंपल की दवाइयां खराब हो जाती हैं। दवाइयां खराब न हों और आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद को मदद मिल जाए, इस मुहिम में चिकित्सकों का विशेष सहयोग अपेक्षित है। चिकित्सक इस मुहिम से जुड़ेंगे, ऐसा विश्वास है। इसी तरह दवा विक्रेता भी इस पुण्य कार्य में मददगार साबित हो सकते हैं।
फाउंडेशन का स्वास्थ्य रथ शहर में
‘अमर उजाला फाउंडेशन’ का स्वास्थ्य रथ इस समय गोरखपुर में है। सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सकों की मदद से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में शहरवासी आते हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के साथ ही निशुल्क दवाइयां लेकर जाते हैं। कई तरह की पैथालॉजी जांचें भी निशुल्क हो रहीं हैं।