केस 1: महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र के विशुनपुरा निवासी बलराम सिंह का 16 वर्षीय बेटा अमित सिंह वार्ड नंबर 3 के बेड नंबर 40 में भर्ती है। 5 मई को भर्ती अमित को तीन दिन से ओटी में हाथ के ऑपरेशन के लिए बुलाया जाता है और फिर लौटा दिया जाता है।
केस 2: देवरिया जिले के खामपार निवासी विनय 25 वार्ड नंबर 3 बेड 21 पर भर्ती है। 26 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती विनय के दाएं पैर का ऑपरेशन होना है। यह भी कई बार ओटी में जाकर लौट चुके हैं। घर वाले अब परेशान होकर बोल चुके है कि डिस्चार्ज कर दें।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो ओटी में मरीजों को बीते तीन दिनों से रोजाना ओटी में बुलाकर लौटा दिया जा रहा है। घंटों इंतजार के बाद मरीज बिना ऑपरेशन के लौटने से परेशान हो रहे हैं। तीमारदार खुलकर को तो नहीं बोल रहे हैं मगर चर्चा है कि डॉक्टर का खुद का प्राइवेट नर्सिंग होम हैं और मरीज को वहीं पर ले जाने की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो ओटी में यह कोई नई बात नहीं है। मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार ही किया जाता है और बीच बीच में डॉक्टरों के कुछ लोग आकर बेहतर इलाज का झांसा देकर प्राइवेट अस्पताल का पता बता देते हैं। अमित की मां जानवंती देवी बताती है कि डॉक्टर रोज ही यह बोलते है कि आज ऑपरेशन कर देंगे मगर रोज ही ओटी में बुलाकर लौटा देते हैं।
विनय की मां मीना देवी कहती है कि मैं तो कई बार बोल चुकी हो कि यदि ऑपरेशन नहीं हो सकता है तो मुझे डिस्चार्ज कर दिया जाए। ताकि जाकर कहीं कर्ज लेकर ही बाहर इलाज करा लूं। इतने दिनों से ऑपरेशन के इंतजार में रुकी हूं। घर दूर होने की वजह से जल्दी कोई आ भी नहीं पाता है। बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है।