बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर और तीमारदार भिड़े
मेडिकल कॉलेज। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की दबंगई पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। रविवार को मेडिसिन वार्ड के जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों की सिर्फ इसलिए पिटाई कर दी कि वह मरीज की सीटी स्कैन रिपोर्ट के आने से पहले उसे डिस्चार्ज किए जाने का विरोध कर रहे थे। तीमारदारों ने भी डॉक्टरों के साथ हाथापाई की। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. गणेश कुमार का कहना है कि मरीज की तबीयत ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज किया गया था, लेकिन परिजन जबरन उसे भर्ती कराना चाह रहे थे। अन्य गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में बेड की जरूरत होती है।
गोपालगंज, बिहार के लल्लन प्रसाद गुप्ता को ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत पर परिजनों ने शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर नौ में शनिवार को भर्ती कराया था। बेटे संदीप गुप्ता के अनुसार डॉक्टरों ने लल्लन प्रसाद का सीटी स्कैन करवाया था। आरोप है कि सीटी स्कैन की रिपोर्ट आने से पहले ही डॉक्टरों ने रविवार को उनकी डिस्चार्ज स्लिप बना दी जबकि पिता की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ था। संदीप ने बिना सीटी स्कैन रिपोर्ट देखे और हालत में सुधार हुए बगैर ही पिता को डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया। उन्होंने पर्याप्त इलाज के बिना मरीज को ले जाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इस पर जूनियर डॉक्टरों ने डिस्चार्ज स्लिप फाड़ दी और अभद्रता पर उतर आए। संदीप ने विरोध किया तो डॉक्टरों ने उसको पीट दिया। पत्नी सावित्री और बेटी वंदना बीच बचाव करने पहुंचीं तो उनको भी पीटा गया। संदीप ने फोन कर अपने परिजनों को बुलाया तो जूनियर डॉक्टरों ने भी अन्य साथियों को बुला लिया। डॉक्टरों से घिरता देख संदीप ने डायल 100 पर कॉल कर सूचना दी। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने मरीज और उसके तीमारदारों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। परिजनों ने लल्लन गुप्ता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों पक्ष ने पुलिस में शिकायती पत्र दिया है मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. गणेश कुमार ने बताया कि हालत स्थिर होने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया था। तीमारदारों की गलती थी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में होती रहती है मारपीट
25 सितंबर 2019- मेडिसिन विभाग में भर्ती लक्ष्मी गुप्ता और उनके परिजनों को नर्स व जूनियर डॉक्टरो ने पीटा।
-25 जुलाई 2019- मेडिसिन वार्ड नंबर नौ में भर्ती रामदुलारे को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा कर पीटा
-12 मई 2019- मेडिसिन विभाग में इलाज के दौरान आनंद कुमार चौरसिया की मौत, परिजनों ने दोबारा जांच का अनुरोध किया तो जूनियर डाक्टरों ने पीटा
-22 अप्रैल 2019- मेडिसिन वार्ड में इलाज के दौरान अंशू नाम के मरीज की मौत, परिजनों ने दोबारा जांच का अनुरोध किया तो जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा।
- 10 सितंबर 2018 सर्जरी वार्ड नंबर 4 में भर्ती आकांक्षा के पिता कोमल को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा
-8 नवंबर 2016 ट्रामा सेंटर में भर्ती खुशबू के परिजनों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा