पिपराइच इलाके के हरखापुर गांव में टीका लगने के बाद कई लोगों की हालत बिगड़ गई है। इससे गांव में दहशत का माहौल है। गांव में कई की तबीयत खराब होने के बाद शुक्रवार की शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और लोगों को दवाएं दी हैं। वहीं स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने एक जांच कमेटी गठित की है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
पिपराइच प्रतिनिधि के मुताबिक बृहस्पतिवार को गांव में अलीगढ़ की श्री साईं सेवा समिति एनजीओ के सदस्यों ने इंसेफेलाइटिस का टीका लगाने के लिए कैंप लगाया था। सरकार की ओर से मुफ्त इस टीके के लिए रुपये भी वसूले जा रहे थे। इसकी जानकारी न तो स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को थी और न ही पिपराइच स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को। मामला प्रधान पति और भाजपा नेता ने उजागर किया तो एनजीओ के लोग वहां से भाग खड़े हुए। उधर शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
सिर्फ औपचारिकता पूरी करते हुए एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि टीका लगवाने के बाद गांव की सावित्री, प्रीति पांडेय, खूश्बू, कमलेश, श्याम, गोकुल, गुलशन समेत एक दर्जन लोगों की हालत बिगड़ गई है। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी का इस बारे में कहना है कि जिसकी तबीयत खराब है उसे अस्पताल आना चाहिए।
वहीं टीकाकरण कर रहे सुकरौली कुशीनगर के रहने वाले दीपक चौहान, महराजगंज के विनोद यादव ने बताया की सीएमओ की अनुमति पर वह 10 रुपये में रजिस्ट्रेशन और 50 रुपये टीके का दाम ले रहे थे। इससे पहले मलपुर और जगदीशपुर आदि गांव में भी टीके लगाए जा चुके हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपराइच के प्रभारी अधीक्षक डॉ. पी. गोविंद ने बताया हमारे यहां से ऐसी किसी टीम को नहीं भेजा गया है मामले की जांच कराई जा रही है।