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एडीजी दफ्तर के सामने बदमाशों ने 90 हजार रुपये लूट लिया

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रिश्तेदार के घर बैग छिपाकर दी थी लूट की सूचना
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गोरखपुर। एडीजी दफ्तर के पास बुधवार को दिनदहाड़े ईंट भट्ठा व्यापारी के मुनीम से 90 हजार रुपये की लूट की सूचना से खलबली मच गई। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए। मुनीम से पूछताछ के बाद ही पुलिस को उस पर संदेह हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। मुनीम ने रिश्तेदार के घर बैग छिपाने की बात कबूली। पुलिस ने छिपाए गए बैग को बरामद कर लिया है, लेकिन उसमें रकम नहीं थी।

गुलरिहा के मिर्चाइन निवासी विष्णु प्रताप सिंह हरिओम नगर निवासी संदीप सिंह के ईंट भट्ठे पर मुनीम का काम करता है। संदीप सिंह ने बुधवार को विष्णु को 90 हजार रुपये सहजनवां ईंट भट्ठे पर पहुंचाने के लिए दिए। बैग में रकम रखकर वह उनके घर से सहजनवां के लिए निकला था। सवा बारह बजे के आसपास उसने पुलिस को लूट की सूचना दी। एडीजी दफ्तर के पास लूट की खबर पाते ही पुलिस दौड़ पड़ी। विष्णु ने बताया कि लुटेरों का उसने पीछा भी किया, मगर वे पकड़ में नहीं आए। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मुनीम से पूछताछ की। फिर एडीजी दफ्तर के बाहर तैनात होमगार्ड से भी पूछताछ की गई। उसके बाद ही पुलिस ने मुनीम को हिरासत में लेकर पर पूछताछ शुरू कर दी।
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पुलिस ने दुकानों और घरों के बाहर लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज को चेक किया तो 12 बजे के आसपास मुनीम रीड साहब धर्मशाला तिराहे पर पीठ पर बैग लटकाए घूमते हुए दिखा। इस आधार पर पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने लूट की कहानी गढ़ने की बात कबूल कर ली। तिवारीपुर निवासी उसके रिश्तेदार के घर से उसका खाली बैग बरामद हुआ है। रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पुलिस रकम के बारे में जानकारी हासिल कर रही है।

पुलिस ने आरोपी विष्णु के रिश्तेदार के घर से जो बैग बरामद किया है, उसमें कागज की गड्डी भरी हुई है। पुलिस इसी बात से और उलझ गई है कि आखिर उसने कागज की गड्डी क्यों भरी थी। उसकी पूरी योजना के बारे में जानने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।
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एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि मुनीम ने पुलिस को लूट की फर्जी सूचना दी थी। बैग बरामद हो गया है। रकम के बारे में मुनीम और उसके रिश्तेदार से पूछताछ की जा रही है। फर्जी सूचना देने वाले पर केस दर्ज किया जाएगा।
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