बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा को हटाने के लिए बसपा-सपा-रालोद का बना महागठबंधन लंबा चलेगा। 23 मई से गुरु (मोदी) और चेले (योगी) के बुरे दिन शुरू हो जाएंगे। छह चरणों के चुनाव में बुरी हार के बाद अब सातवें में उनका सफाया तय है। नाटकबाजी और जुमलेबाजी अब काम आने वाली नहीं है। गरीब, मेहनतकश और कमजोर तबकों को अच्छे दिन का सपना दिखाकर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा पांच साल में एक चौथाई कार्य भी नहीं कर पाई। धन्नासेठों और पूंजीपतियों की चौकीदारी करने में पीएम लगे रहे। गोरखपुर मंडल की एक भी सीट भाजपा के खाते में नहीं जानी चाहिए।
देवरिया और बांसगांव के गठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में सोनूघाट के चकसराय बदलदास बदली में आयोजित रैली में मायावती ने कहा कि हमारे गठबंधन को तोड़ने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन वे अपने मंसूबों में नाकाम रहे। भीड़ देख गदगद हुईं मायावती बोलीं, लगता है इस बार दिल्ली जाने का मूड है। नमो-नमो की छुट्टी करने वाले हैं। गठबंधन को जिताइए, इच्छा पूरी हो जाएगी। कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि आजादी के बाद देश और अधिकांश प्रदेशों में उनकी सत्ता रही। गलत नीतियों से वह सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा भी आरएसएसवादी, संप्रदायवादी नीतियों के चलते सत्ता से बाहर होने जा रही है। किसानों की समस्याओं पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। यूपी में तो छुट्टा पशुओं से किसान परेशान हैं। उनके जातिवादी, पूंजीवादी सोच के कारण ही दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों का विकास नहीं हुआ। दलितों, आदिवासियों के आरक्षण और पदोन्नति में आरक्षण का मामला लटका हुआ है। इस सरकार को उखाड़ फेंकने में अल्पसंख्यकों की भूमिका अधिक है।
आगे कहा कि मध्यम वर्ग, व्यापारी वर्ग दुखी है। भ्रष्टाचार बढ़ गया है। आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं। हमारे जवान शहीद हो रहे हैं। भाजपा के लोग इसे भुनाने के चक्कर में लगे हैं। जनता अब प्रलोभन भरे घोषणा-पत्रों के बहकावे में न आएं। गठबंधन की रैलियों में भीड़ देखकर भाजपा घबराई है। नरेंद्र मोदी की सरकार विदा हो रही है। 24 मिनट के संबोधन में उन्होंने सभी से खासकर महिलाओं से 19 मई को सारे काम बाद में पहले वोट करने की अपील की।