यूपी में महापरिवर्तन की बयार तेज हो चली है। अंतिम चरण में भी महागठबंधन को मिलते अपार जनसमर्थन से भाजपा बौखलाहट में है। उनकी भाषा बदल गई है। जनता से अच्हे दिनों का वादा कर किसानों, नौजवानों को छलने वाले लोग महागठबंधन को महामिलावट बोल रहे है। लेकिन खुद 38 दलों का गठबंधन किए हैं। अब हम उन्हे क्या कहे हमें तो समझ ही नहीं आता। झूठ और नफरत की बुनियाद पर टिकी सरकार को इस बार गठबंधन उखाड़ फेकेंगी।
ये बाते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को महराजगंज स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी इंटर कालेज में गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होनें कहा कि पिछले लोक सभा चुनाव में जनता से क्या क्या वादा किया था।
अच्छे दिनों का वादा कर जनता को पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी देकर किसानों, व्यापारियों, युवाओं छलने वालों को जनता इसबार सबक जरुर सिखाएगी। हर साल दो करोड़ की नौकरी का वादा कर लाखों नौजवानों की नौकरियां छीनने वाले लोग भगवान को भी नहीं छोड़ा, हनुमान की जाति बताने वाले बाबा को नहीं मालूम कि उनकी झूठ से जनता उब चुकी है।
उन्होंने गांव गरीब किसान मजदूर के साथ साथ महराजगंज के गन्ना किसानों की दुखती रगों पर हाथ फेरते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सबसे ज्यादा किसानों को छलने का काम किया है। उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बाबा सीएम ने यह कैसी ठोको नीति चलाई है कि पुलिस जनता को और मौका मिलने पर जनता पुलिस को ठोंक रही है।
इसके साथ ही उन्होंने संतकबीरनगर की सांसद के चप्पल कांड को लेकर भी भाजपा की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि चाय वाला अब चौकीदार बन कर जनता को धोखा देने आया है। ऐसे में देश से बस चौकीदार ही नहीं, प्रदेश से ठोकीदार को भी हटाना है। उन्होंने सरकार पर शिक्षामित्र, बीपीएड व बीटीसी प्रशिक्षुओं के उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षामित्रों से सवाल करते हुए कहा कि चाय का नशा उतरा की नहीं। उन्होंने कहा कि देश के संविधान को बचाने के लिए जनता गठबंधन के साथ आ चुकी है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। और कांग्रेस भाजपा दोनों पर निशाना साधा।