परीक्षा परिणाम को लेकर प्रदर्शन करते विधि छात्र।
- फोटो : amar ujala
चतुर्थ सेमेस्टर में फेल हुए विधि के विद्यार्थियों का सोमवार से शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को उग्र हो गया। भारी संख्या में विद्यार्थी साढ़े दस बजे सुबह प्रशासनिक भवन पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों से उनकी तीखी झड़प हुई। कुलपति ने मामला परीक्षा समिति के सामने रखने का आश्वासन दिया तब जाकर हंगामा शांत हुआ।
प्रदर्शन में यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के साथ सेंट एंड्रयूज कॉलेज के विद्यार्थी भी शामिल थे। संख्या ज्यादा हुई तो विद्यार्थियों का आक्रोश भी बढ़ चला और प्रशासनिक भवन के उत्तरी व पूर्वी दोनों गेट पर ताला जड़ दिया। जानकारी मिलने पर प्रॉक्टर डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, कैंट इंस्पेक्टर और यूनिवर्सिटी पुलिस चौकी इंजार्च के साथ पहुंचे। आधे घंटे चली तीखी झड़प के बाद उत्तरी गेट तो विद्यार्थियों ने खोल दिया लेकिन पूर्वी गेट पर धरने पर बैठ गए।
विद्यार्थियों की मांग थी कि खराब नंबरों वाले विषयों की विशेष परीक्षा कराई जाए और उनकी कॉपियां यूनिवर्सिटी के बाहर जांची जाएं। कुछ छात्रों ने विभागीय शिक्षकों पर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए विधि विभाग के डीन और अध्यक्ष को हटाने की मांग की। प्रॉक्टर ने विद्यार्थियों को जानकारी दी कि दोपहर दो बजे कुलपति विद्यार्थियों की समस्याएं सुनेंगे। लेकिन बाद में उन्हें यह बताया गया कि कुलपति तीन बजे कमेटी हाल में विद्यार्थियों से चर्चा करेंगे तो विद्यार्थी एकबारगी फिर उग्र हो गए।
सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ कैंट, विधि विभाग के डीन और अध्यक्ष की मौजूदगी में कुलपति ने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और बताया कि मामला बोर्ड ऑफ स्टडीज को सौंप दिया गया है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद मामले को परीक्षा समिति में रखा जाएगा। तब तक विद्यार्थी धैर्य बनाए रखें। उधर लॉ विभाग के डीन प्रो. जितेंद्र तिवारी ने बताया कि इस विषय को लेकर 16 मार्च को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाई गई है।
सदमे से छात्रा की मौत पर बढ़ा हंगामा
खराब अंकों की लड़ाई में शामिल होने पहुंचे सेंट एंड्रयूज कॉलेज के विद्यार्थियों ने जब अन्य विद्यार्थियों को बताया कि रिजल्ट के सदमे से उनके कॉलेज के एक छात्रा की मौत हो गई है तो विद्यार्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया। बेतियाहाता निवासी छात्रा के पिता का कहना था कि उनकी बेटी के नंबर तीसरे सेमेस्टर में काफी कम हो गए थे। ऐसे में उसे चौथे सेमेस्टर से उम्मीद थी।
शनिवार को जब वह कॉलेज पहुंची तो उसे जानकारी हुई कि वह फेल हो गई है। उसकी तबियत कॉलेज में ही बिगड़ने लगी। सहपाठियों ने उसे किसी तरह घर पहुंचाया। रात भर वह बेचैन रही और सो नहीं सकी। सुबह उसकी तबियत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। पिता का कहना था कि उनकी बेटी की आत्मा को शांति तभी मिलेगी जब यूनिवर्सिटी अपनी मूल्यांकन प्रणाली सुधार लेगी।
मिट्टी के तेल से मची अफ रा-तफरी
प्रॉक्टर से मिली सूचना के मुताबिक विधि के आंदोलनकारी छात्र दोपहर दो बजे कुलपति कार्यालय पहुंच गए। वहां जाने पर जब यह पता चला कि कुलपति तीन बजे कमेटी हॉल में मिलेंगे तो छात्र आक्रोशित हो उठे। तभी उनमें से किसी ने एक बोतल में रखा मिट्टी का तेल छिड़क लिया। इसके छींटे प्रॉक्टर और सीओ कैंट पर भी पड़े । बोतल से छिड़का गया तरल पदार्थ मिट्टी का तेल है, यह जानकारी मिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। प्रॉक्टर ने इसे लेकर छात्रों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। हालांकि उसके बाद विद्यार्थी कमेटी हॉल की ओर बढ़ लिए, इसलिए मामला तूल नहीं पकड़ सका।