कबीरचौरा : कैसे हो विकास, जब बजट नहीं है पास
पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर दी जानकारी, जांच की भी मांग
हैरिटेज स्वदेश दर्शन योजना के कार्यों एक साल अधिक लगने की संभावना
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीरचौरा में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 28 जून 2018 को कई कार्यों का शिलान्यास किया गया था। इससे पूर्व में भी कुछ प्रोजेक्ट चल रहे थे। चरणबद्ध तरीके बजट न मिल पाने से अधिकांश कार्य अधर में हैं।
17.67 करोड़ की लागत से शुरू हुई हैरिटेज स्वदेश दर्शन योजना के लिए द्वितीय किस्त समय से नहीं मिल सकी है। ऐसे में अप्रैल 2019 में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट की मार्च 2020 तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं 23.59 करोड़ की लागत से बनने वाली संत कबीर अकादमी और 1.13 करोड़ की लागत से मजार और गुफा आदि का जीर्णोद्धार होना है। कार्यों की धीमी गति से आहत पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी ने पीएम को नवंबर में इस संबंध में पत्र भेजा है और यहां की समस्याओं से अवगत कराया है और अब तक उपलब्ध बजट व हुए कार्यों की जांच की मांग की गई है। यही नहीं योजनाओं के क्रम में ही सार्वजनिक सुविधाओं के लिए कुल 40 वर्ग मीटर प्रत्येक के हिसाब से चार शौचालय बनाए जाने थे। इसमें से अभी तक मात्र एक शौचालय बन पाया है। वह भी इस्तेमाल के योग्य नहीं है। 100 वर्ग मीटर के दो कैफेटेरिया का निर्माण होना था। तीन साल बीत जाने के बाद सिर्फ एक कैफेटेरिया का निर्माण हो पाया है। उसमें भी कोई सुविधा नहीं है। उच्च क्षमता की लाइटें नहीं लगी हैं और न ही नावें व बोटिंग सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था तक नहीं की गई।
संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करके हाल जाना था। यहां हैरिटेज सर्किट स्वदेश दर्शन मगहर का कार्य कार्यदायी संस्था वेबकोश लिमिटेट करा रही है। मिले बजट से कार्य हो गया है। आगे के कार्य के लिए बजट की मांग की गई है। संतकबीर अकादमी का कार्य उत्तर प्रदेश आवास विकास अयोध्या की इकाई करा रही है। उम्मीद है कि जुलाई 2020 तक कार्य पूर्ण हो जाएगा। यूपीपीसीएल बस्ती द्वारा समाधि, मजार व गुफा के जीर्णोंद्धार का कार्य कराया जा रहा है। जितना बजट मिला था, उतना काम पूर्ण हो गया है। संस्था की ओर से बजट की मांग की गई।
- रवीश गुप्त, डीएम
हैरिटेज स्वदेश दर्शन : दूसरी किस्त का हो रहा इंतजार
हैरिटेज स्वदेश दर्शन योजना की कार्यदायी संस्था वेबकोश के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष राणा ने बताया कि 6 फरवरी 2018 में कार्य शुरू कराया गया था। स्वीकृत लागत 17.67 करोड़ में से प्रथम किस्त 4.54 करोड़ अवमुक्त हुआ था। दूसरी किस्त समय से नहीं मिल पाई। धोबीघाट पर जो काम कराना है, वहां विरोध की वजह से शुरू नहीं हो पाया। अब तक जमीन नहीं मिल पाई है। बाउंड्रीवाल में भी समस्या थी। अब तक करीब 65 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। 18 नवंबर को बैठक हुई थी। जिसमें कुछ धनराशि स्वीकृत हुई है। इस कारण निर्धारित नियत समय अप्रैल 2019 में प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि मार्च 2020 तक कार्य पूरा हो जाएगा।
संत कबीर अकादमी : नियत समय जुलाई 2020 काम पूरा होने का दावा
कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास की अयोध्या इकाई के जेई रवि खरवार ने बताया कि संत कबीर अकादमी के लिए कुल 23.59 करोड़ स्वीकृत हैं। इसमें से 7.50 करोड़ अवमुक्त हुआ। जनवरी 2019 में बजट मिला और उसी समय कार्य भी शुरू कराया गया। कार्यस्थल की जगह नीची होने और बारिश से भराई में देरी हुई। अब तक छह करोड़ खर्च हो चुके हैं। अगली किस्त की धनराशि की मांग की गई है। कार्य प्रगति पर है। निर्धारित अवधि जुलाई 2020 तक कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
समाधि, मजार और गुफा: एक साल से बजट का इंतजार
संत कबीर की समाधि, मजार और गुफा के जीर्णोद्धार के लिए 1.13 करोड़ की स्वीकृत हुई। इसमें से अब तक 56 लाख मिले हैं। जुलाई 2018 में बजट मिला और उसी समय काम शुरू कराया गया। अक्टूबर 2018 में उपभोग प्रमाण पत्र भी दे दिया गया। तभी से पर्यटन विभाग से बजट की मांग की जा रही है। कार्य को तेजी से कराने के लिए जो बजट मिला था, उससे 25 प्रतिशत अधिक धन खर्च हो चुका है। डीएम और कमिश्नर के स्तर से भी पर्यटन विभाग को बजट अवमुक्त करने के संबंध में पत्र भेजा जा चुका है। करीब एक साल से बजट नहीं मिला है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट मिल जाएगा और कार्य को निर्धारित अवधि मार्च 2020 में पूरा करा दिया जाएगा।