दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद बल्लभ शर्मा ने झंगहा थाने के तत्कालीन दरोगा हरिशंकर राम को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 27 हजार रुपया अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर 7 माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी यशपाल सिंह का कथन था कि वादिनी का उसके पट्टीदारों से जमीन का विवाद चल रहा था। उसने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। तब वादिनी ने डीआईजी गोरखपुर को प्रार्थना पत्र दिया।
जिस पर अभियुक्त हरिशंकर राम ने उसे थाने पर बुलाया और थाना परिसर में स्थित अपने आवास पर ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
बाद में वादिनी से शादी करने का आश्वासन देकर वादिनी के साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। कोर्ट में अभियुक्त ने जुर्म से इंकार किया और रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर सजा सुनाई।