फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला को प्रेमी को सौंपने का मामला: न भेड़ें मिली न पत्नी, भाई समेत पहुंच गया जेल, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 20 Aug 2019 04:33 AM IST
देव कश्यप यूपी डेस्क, अमर उजाला, बेलीपार/कसिहार/ गोरखपुर
विज्ञापन
पंचायत का अजीबोगरीब फैसला - फोटो : ANI
विज्ञापन

71 भेड़ों के बदले पत्नी को प्रेमी को सौंपना पति को भारी पड़ गया। प्रेमी के पिता ने महिला के पति और उसके भाई के खिलाफ चोरी और मारपीट का केस दर्ज करा दिया है। प्रेमी के साथ गई विवाहिता के बदले 71 भेड़ें सौंपने के पंचायत के बेतुके फैसले के मामले में रविवार को पिपराइच के बैलो निवासी प्रेमी उमेश के पिता रामनरेश की तहरीर पर पुलिस ने महिला के पति बैलो निवासी राजेश व उसके भाई नवरंगी के खिलाफ चोरी और मारपीट के आरोप में केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन




पुलिस ने 71 भेड़ें भी रामनरेश को सौंप दीं। उधर पंचायत करने वाले बेलीपार के धस्की गांव के पंच तीसरे दिन भी फरार रहे। पंचायत में गवाह के रूप में स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने वाले दोनों पक्ष के करीब बीस लोग भी कार्रवाई के भय से गांव छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस ने पंचायत में बेतुका फैसला करने वालों के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं महिला और उसका प्रेमी उमेश भी घर नहीं लौटे हैं।

ये भी पढ़ें- प्रेमी के पिता की पुलिस से गुहार, 'भागी हुई बहू नहीं, अपनी भेड़ चाहिए'
विज्ञापन


पिपराइच के बैलो निवासी रामनरेश का बेटा उमेश शादीशुदा है। वह अपने पिता की 71 भेड़ें पड़ोस के गांव तुरा बाजार निवासी राजेश के साथ चराता था। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और घर आनाजाना शुरू हो गया। राजेश की पत्नी को साथ लेकर उमेश एक माह पहले फरार हो गया। थाने पर हुई पंचायत में दोनों ने एक साथ रहने का फैसला किया। पांच दिन पहले प्रेमी उमेश और विवाहिता बेलीपार इलाके के धस्की गांव में भेड़ चराने गए थे।

ये भी पढ़ें- पंचायत करने वाले फरार, भेड़ों को पुलिस ने कब्जे में लिया
विज्ञापन


इसी बीच महिला का पति राजेश भी वहां पहुंच गया। विवाहिता को भगाने को लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई। महिला ने बीच बचाव करके किसी तरह से मामला शांत कराया, लेकिन राजेश सभी भेड़ें हांककर अपने साथ लेते गया। बाद में मामला पंचायत में पहुंचा। धस्की गांव की पंचायत ने बेतुका फैसला सुनाते हुए भेड़ों को राजेश के हवाले कर दिया था और महिला को उमेश के साथ भेज दिया था। लेकिन इसी बीच उमेश के पिता रामनरेश थाने पहुंच गए और भेड़ों को वापस दिलाने की अर्जी दे दी। रामनरेश का कहना था कि पंचायत का फैसला गलत है। भेड़ें उनकी हैं, उसे उसका बेटा कैसे दे सकता है। बेटे की गलती की सजा बेशक उसे मिले। राजेश चाहे तो अपनी पत्नी को ले जाए। उधर राजेश महिला को अब रखने को तैयार नहीं है। उमेश भी पहले से शादीशुदा है। उसकी पत्नी ने छह माह पूर्व पुलिस को उमेश के खिलाफ तहरीर दी थी और तभी से वह महराजगंज के श्यामदेऊरवां स्थित मायके में है।

ये भी पढ़ें- ‘प्रेमी के साथ रहेगी महिला, तुम ले जाओ 71 भेड़’

भेड़ों को रामनरेश को सौंप दिया गया है। भेड़ों को चुराने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। महिला के बारे में पुलिस के अधिकार सीमित हैं, कोई तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। अन्य लोगों के भी भूमिका की जांच की जा रही है। -डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें