प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की वजह से लंबे समय से विभिन्न गेस्ट हाउसों में कब्जा जमाए दर्जन भर से अधिक अफसरों-नेताओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। प्रशासन अब ऐसे बिन बुलाए ‘अतिथियों’ को दो टूक शब्दाें में अलविदा बोल रहा है। सभी को हर हाल में दो से तीन दिन में कमरा खाली करने को कहा गया है। इनमें ग्राम्य विकास विभाग समेत तीन-चार विभागों के ऐसे अफसर गेस्ट हाउस में कब्जा जमाए हैं जिन्हें स्थानांतरण के बाद यहां ज्वाइन किए तीन से चार महीने बीतने को है। इसी तरह सत्तारूढ़ समेत विभिन्न दलों के कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने अपनी हनक दिखाकर गेस्ट हाउस तो एक या दो दिन के लिए बुक कराया था, मगर उसमें लंबे समय से जमे हैं।
यहीं नही, मोदी के कार्यक्रम के मद्देनजर सर्किट हाउस समेत सभी विभागों के गेस्ट हाउस को प्रशासन ने पूरी तरह से अधिग्रहित कर लिया है। जिन गेस्ट हाउस में खामियां हैं उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। इसी तरह 18 से लेकर पीएम के कार्यक्रम वाले दिन यानी 22 जुलाई तक शहर के तकरीबन सभी होटलों के ज्यादातर कमरों को या तो प्रशासन ने अधिग्रहित कर लिया है या फिर भाजपाइयों ने बुक करा लिया है। ऐसे में अगर आपके घर भी कोई अतिथि आ रहा है और आप उसे बाहर टिकाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपकी भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अपने अतिथियों का बंदोबस्त आपको घर में ही करना होगा।