गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन की लागत हुई ढाई गुना
गोरखपुर। गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन के नक्शे में थोड़ा परिवर्तन क्या हुआ उसकी लागत ढाई गुना बढ़ गई। असुरन से छह किलो मीटर तक सड़क के दोनों तरफ तीन -तीन मीटर की चौड़ाई में सर्विस लेन का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा बीच में रेलिंग और ड्रेन भी बनेगा। पहले इसकी लागत 183.33 करोड़ थी। अब रिवाइज एस्टीमेट में लागत बढ़कर 434.91 करोड़ हो गई है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन की लंबाई गोरखपुर जनपद के हिस्से की 19.4 किलो मीटर है। इसका निर्माण 2016 में शुरू हुआ था जिसे 2018 में ही पूरा होना था, पर कार्य अब भी अधूरा है। इधर शहर के शहरी हिस्से में सड़क के चौड़ीकरण एवं दोनो तरफ सर्विसलेन , रेलिंग व ड्रेन का निर्माण का अतिरिक्त कार्य जुड़ने की वजह से उसकी लागत काफी बढ़ गई है। 434.91 करोड़ का नया एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद निर्माण तेजी से चल रहा है। मार्च 2020 तक कार्य को पूरा करा लेने का दावा विभाग कर रहा है।
गोरखपुर-देवरिया फोरलेन की लागत सौ करोड़ से अधिक हुई
गोरखपुर-देवरिया फोरलेन की भी लागत 151.84 से बढ़कर 267.44 करोड़ हो गई। इसका भी निर्माण 2016 में शुरू किया गया था और इसे भी 2018 में पूरा होना था। इसके काम की रफ्तार धीमी थी मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इसके भी निर्माण की रफ्तार तेज हो गई है। इस फोरलेन में भी गुरुंग चौराहे से इंजीनियरिंग कालेज तक 5.5 किलो मीटर तक दोनो तरफ 3-3 मीटर चौड़ाई में सर्विस लेन का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त रेलिंग और ड्रेन का निर्माण भी कराया जाएगा। दोनो फोरलेन में अतिरिक्त कार्य बढ़ने से लागत बढ़ गई है।
गोरखपुर-महराजगंज तथा गोरखपुर-देवरिया फोरलेन में अतिरिक्त कार्य बढ़ने की वजह से लागत बढ़ गई है। रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। पहले रास्ते में जमीन मकान नहीं था, न उसका मुआवजा देना था। रिवाइज होने के बाद यह सब बढ़ा है। अप्रोचमेंट का 74 करोड़ मुआवजा देना है। इस नाते लागत बढ़ गई है। सभी कार्य मार्च 2020 तक पूरे हो जाएंगे।
एसपी सिंह मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग