गलत ढंग से गैंगेस्टर का आरोपी बनाना पुलिस विभाग को भारी पड़ गया है। पीड़ित की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने विभागीय अफसरों को न सिर्फ फटकारा बल्कि विवेचक और एसएसआई को दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की यह राशि दोनों अधिकारी एक माह के अंदर बैंक ड्राफ्ट से पीड़ित को देंगे। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।
भीखमपुर रोड निवासी भैरव जायसवाल को पुलि स ने गैंगेस्टर के मामले में निरुद्ध किया था। पीड़ित ने इसके खिलाफ अपने अधिवक्ता नितेश श्रीवास्तव के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर की। उनका कहना था कि जिस मुकदमे के आधार पर पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की है, उसके चार्जशीट में भैरव का नाम ही नहीं है।
मुकदमा सिर्फ संदेह के आधार पर दर्ज हुआ था, जिसकी विवेचना में कोई संलिप्तता न मिलने पर नाम हटा दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने गैंगेस्टर चार्ट तैयार करने वाले तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार, एसपी राकेश शंकर, एएसपी सुरेंद्र बहादुर, सीओ सीताराम, एसएसआई श्रवण कुमार यादव व विवेचक जितेंद्र तिवारी को बीते 12 मार्च को कोर्ट में तलब किया।