फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गलत ढंग से गैंगस्टर लगाया, पीड़ित को दें दो लाख, हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार

Thu, 28 Mar 2019 02:03 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
गलत ढंग से गैंगेस्टर का आरोपी बनाना पुलिस विभाग को भारी पड़ गया है। पीड़ित की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने विभागीय अफसरों को न सिर्फ फटकारा बल्कि विवेचक और एसएसआई को दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की यह राशि दोनों अधिकारी एक माह के अंदर बैंक ड्राफ्ट से पीड़ित को देंगे। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।
विज्ञापन


भीखमपुर रोड निवासी भैरव जायसवाल को पुलि स ने गैंगेस्टर के मामले में निरुद्ध किया था। पीड़ित ने इसके खिलाफ अपने अधिवक्ता नितेश श्रीवास्तव के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर की। उनका कहना था कि जिस मुकदमे के आधार पर पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की है, उसके चार्जशीट में भैरव का नाम ही नहीं है। 

मुकदमा सिर्फ संदेह के आधार पर दर्ज हुआ था, जिसकी विवेचना में कोई संलिप्तता न मिलने पर नाम हटा दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने गैंगेस्टर चार्ट तैयार करने वाले तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार, एसपी राकेश शंकर, एएसपी सुरेंद्र बहादुर, सीओ सीताराम, एसएसआई श्रवण कुमार यादव व विवेचक जितेंद्र तिवारी को बीते 12 मार्च को कोर्ट में तलब किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सभी अधिकारियों ने कोर्ट में उपस्थित होकर भूल स्वीकार की। उनकी ओर से भैरव जायसवाल पर हुई गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई वापस लेने संबंधी मौजूदा डीएम के आदेश की प्रति भी पेश की गई। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। 

बुधवार को इस मामले में आदेश जारी करते हुए एसएसआई श्रवण कुमार यादव और विवेचक जितेंद्र तिवारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्हें एक माह के भीतर अपने वेतन से दो लाख रुपये की धनराशि पीड़ित को बैंक ड्राफ्ट के रुप में देने का आदेश दिया है। 

इसके क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी को भी आदेश की प्रतियां भेजी गई हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। बता दें कि जितेंद्र तिवारी वर्तमान में जिले के तरकुलवा थाने के एसओ हैं, जबकि श्रवण यादव कुशीनगर के तरया सुजान थाने के प्रभारी हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें