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24 घंटे में 144.6 मिलीमीटर बारिश, लबालब हुआ गोरखपुर

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धर्मशाला ओवरब्रिज के निचे हुआ जलजमाव।
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24 घंटे में 144.6 मिलीमीटर बारिश, लबालब हुआ गोरखपुर
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गोरखपुर। अभी शहर के कई इलाकों में बारिश का पानी सूखा भी नहीं था कि सोमवार आधी रात से लेकर मंगलवार रात तक रुक-रुककर हुई कभी तेज और कभी रिमझिम बारिश से शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव हो गया। इस मानसून की पहली भारी बारिश से शहर के कई इलाके पानी में डूब गए। रुस्तमपुर, आजादनगर, दाउदपुर और रेतीचौक सहित कई इलाकों में नाव चलाने भर का पानी लग गया। मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक अगले दो दिन तक बारिश के आसार हैं। ऐसा हुआ तो शहरवासियों की मुसीबत और बढ़ जाएगी।
सोमवार आधी रात से मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ही करीब 65 मिलीमीटर बारिश हो गई। इसके बाद रात तक भी करीब 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। झमाझम बारिश से गोलघर, गणेश चौराहा, धर्मशाला, डीएम दफ्तर, बेतियाहाता, बिलंदपुर, रुस्तमपुर, महुई सुघरपुर, बिलंदपुर जैसे प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया। निचला इलाका होने की वजह से नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के आवास के पास पिछले कुछ दिनों से पानी भरा हुआ है। बारिश से स्थिति और बदतर हो गई। तारामंडल रोड की सर्विस लेन भी पानी में डूब गई। साथ ही इस लेन से सटे इलाकों में घुटने भर पानी जमा हो गया। गीताप्रेस रोड, साहबगंज मंडी, रुस्तमपुर, महुईसुधरपुर, दुर्गा मंदिर, भेड़ियागढ़, अलवापुर, रेती चौक, तारामंडल रोड, जटाशंकर चौराहा, मियां बाजार, नक्खास चौक, लालडिग्गी, इलाहीबाग समेत शहर के सभी निचले इलाकों की सड़कों पर ही नहीं कई घरों में पानी भर गया।
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जनप्रिय विहार इलाके में मकान की छत गिरी
वार्ड नंबर 12 जनप्रिय विहार के अंतर्गत हुमायूंपुर उतरी में अशर्फ ी मस्जिद के पास भारी बरसात के कारण एहतेशाम अली के घर की दीवार एवं छत गिर गई। गनीमत रही कि इससे जान माल की हानि नहीं हुई। जलभराव वाले इस स्थान पर जल निकासी के लिए सड़क ऊंची करने के अलावा नाली का निर्माण हो रहा था। वार्ड के पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने कहा कि पिछले दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मिट्टी का दबाव बढ़ने से दीवार और छत क्षतिग्रस्त हो गई है। नगर आयुक्त एवं तहसील के उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। साथ ही पार्षद ने प्रकरण की जांच कराकर पीड़ित को नियमानुसार आर्थिक सहयोग कराने की मांग की है
जलभराव में गाड़ियां हुईं बंद, लोगों ने झेली परेशानी
शहर के विभिन्न इलाकों में सड़कों पर काफी पानी भर गया था। इस दौरान इस पानी से गुजरने वाली गाड़ियाें के साइलेंसर में पानी घुसने की वजह से गाड़ियां बंद हो गईं। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
एनेक्सी के कमरों में भरा पानी
झमाझम बारिश का असर अभी हाल में बने एनेक्सी भवन में दिखा। एनेक्सी भवन के कमरों में पानी घुस गया। शार्ट सर्किट की आशंका में पूरे सर्किट हाउस की बिजली काट दी गई। काफी देर तक बिजली गुल रहने से सर्र्किट हाउस में रह रहे लोगों ने खूब परेशानी झेली।
सुबह से ही दौड़ते रहे नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी
पॉलिथीन की वजह से शहर की नालियां भी चोक हो गईं। इस वजह से कई इलाकों में नालों का बहाव रुक गया। जानकारी मिलने के बाद नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सुबह से दौड़ते रहे। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि नालों की सफाई के लिए सभी वार्डों में लगे सफाई कर्मचारी तो काम कर ही रहे थे, छह अतिरिक्त नाला गैंग, चार इमरजेंसी गैंग, जेसीबी मशीन, पोकलेन मशीन नालों की सफाई में लगाया गया।
विभिन्न इलाकों ने नगर निगम ने लगाए 66 पंप सेट
जलभराव वाले इलाके से पानी निकालने के लिए नगर निगम की ओर से कुल 66 पंप सेट लगाए हैं। इनमें से नौ पंप सेटों को ऐसे स्थानों पर लगाया जहां स्थायी रूप से पानी भरा रहता है। वहीं 57 पंपसेट को ऑन-कॉल रखा गया है। जहां भी जलभराव की सूचना मिलती है, वहां इन पंप सेटों को भेजा जाता है। नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि पंप सेट को लगातार चलाया जा रहा है। लगातार बारिश की वजह से जलभराव की समस्या थोड़ी ज्यादा है। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या थोड़ी ज्यादा है। निगम की टीम अपने पूरे संसाधनों के साथ जलभराव की समस्या दूर करने में लगी हुई है। जेई और पंप आपरेटरों को 24 घंटे के अलर्ट पर रखा गया है।
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नाले पर बना पक्का निर्माण तोड़ा, नोंकझोंक
नगर निगम की टीम ने बारिश के बीच भी अतिक्रमण हटाया। आंबेडकर चौराहे के बाद विशाल मेगा मार्ट के नीचे की दुकानों के सामने नालों पर पक्का निर्माण करा लिया गया था, जिसकी वजह से नालों की सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही थी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी के नेतृत्व में टीम वहां पहुंची और पक्का निर्माण हटाकर नालों की सफाई शुरू की तो दुकानदारों ने निगम की टीम के साथ नोंकझोंक शुरू कर दी, लेकिन पुलिस बल ने सख्ती करते हुए सभी को वहां से हटाया और फिर नालों की सफाई कराई।
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