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बसपा की बैठक में चले लात घूंसे

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गोरखपुर में बसपा की बैठक में मारपीट में घायल रौशन कुमार के साथ लोग।
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बसपा की बैठक में जमकर हंगामा, चले लात-घूंसे
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गोरखपुर। बसपा की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान मंगलवार को गोरखपुर क्लब में एक बार फिर पार्टी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। कुछ दिन पहले भी बसपा की मंडलीय बैठक में हंगामा हुआ था। मंगलवार को मंच से बांसगांव प्रभारी श्रवण निराला को पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा होते ही, नारेबाजी शुरू हो गई। श्रवण समर्थकों और कुछ कार्यकर्ताओं में मारपीट होने लगी। जमकर लात घूंसे चले। श्रवण का आरोप है कि कार्यकर्ता रौशन कुमार के कपड़े फाड़ दिए गए और लात-घूंसों से पीटा गया। अफरातफरी देख बड़े नेता पिछले दरवाजे से चले गए। हालांकि जिलाध्यक्ष ने बवाल से इनकार किया है।
हंगामे से पहले मुख्य जोन इंचार्ज घनश्याम चंद खरवार के उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की मंशा से अवगत कराते हुए कहा कि संगठन को नए सिरे से मजबूत किया जाएगा। सभी के कामकाज की समीक्षा होगी। जो लोग काम नहीं कर रहे हैं उन्हें हटाया जाएगा। बूथ से विधानसभा स्तर तक हमें मजबूत संगठन चाहिए। इसके बाद जैसे ही मंच से संचालक ने श्रवण निराला पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाकर निष्कासित किए जाने की घोषणा की, श्रवण ने माइक छीन ली और आरोप को गलत बताया। श्रवण ने बांसगांव से ही चुनाव लड़ने का एलान किया। इसके बाद वे मंच से नीचे आ गए और उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू करी दी। विरोध में कुछ कार्यकर्ता भी आ गए और देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। मारपीट में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई। हालांकि इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई और श्रवण समर्थकों के साथ चले गए।
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बैठक में मुख्य जोन इंचार्ज इंदल राम, पूर्व सांसद नौशाद अली, डॉ मदन राम, सुधीर कुमार, पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, घनश्याम राही, वीरेंद्र पांडेय, संजय पांडेय आदि मौजूद रहे।
कोट
लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण श्रवण निराला को निष्कासित किया गया है। बैठक में भीम आर्मी वालों के साथ पहुंचे उनके समर्थकों ने बवाल करने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया। मारपीट की बात निराधार है।
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घनश्याम राही, जिलाध्यक्ष
बैठक के दौरान गलत आरोप लगाकर मुझे निष्कासित करने की घोषणा की गई। इससे कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सभी सामान्य कार्यकर्ता थे। इसी बीच कुछ नेताओं के इशारे पर भीड़ में कुछ लोगों ने बवाल किया। मारपीट करने लगे। मेरे कई समर्थकों को चोटें आईं हैं। - श्रवण निराला, निष्कासित बसपा नेता
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