प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए सपाइयों ने जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को दिया। इसके बाद डीएम दफ्तर के बाहर निकले कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद जबसे भाजपा की सरकार बनी है, तभी से अराजकता का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के साथ ही बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, युवा मोर्चा व हिन्दू युवा वाहिनी आदि हिन्दू वादी संगठनों ने कानून व्यवस्था को अपने हाथों में ले लिया है। पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में हत्या, डकैती, बलात्कार तथा अपहरण आदि की घटनाओं को अंजाम देने वालों को कहीं न कहीं इन संगठनों का प्रश्रय मिला हुआ है। अपराधी खुले तौर पर कानून के लिए चुनौती बने हुए हैं, वहीं दलितों, कमजोर वर्ग का उत्पीड़न किया जा रहा है।
सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में सिर्फ दो महीने में सहारनपुर में लगातार तीन गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। इसी तरह मथुरा, ग्रेटर नोएडा, वाराणसी, इलाहाबाद के साथ ही गोरखपुर में भी हुई घटनाओं ने सूबे में कानून व्यवस्था की स्थिति को साफ कर दिया है। सपाइयों ने राज्यपाल से कानून व्यवस्था दुरुस्त कराने और अपराधियाें के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है। इस दौरान नगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम, डॉ मोहसिन खान, नगीना साहनी, अवधेश यादव, रजनीश यादव, विजय बहादुर यादव, मनुरोजन यादव, कीर्तिनिधि पाण्डेय, गीतांजलि यादव, राजकुमारी देवी, जवाहर लाल मौर्य समेत कई सपाई मौजूद रहे।