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गन हाउस की सील तोड़ जब्त किए रिकार्ड, रवि को जेल भेजा

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रवि आर्म्स कार्पोरेशन के प्रोपराइटर के बेटे रवि पांडेय के साथ दुकान का सील तोड़ने पहुंची पुलिस
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गन हाउस की सील तोड़ जब्त किए रिकार्ड, रवि को जेल भेजा
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गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में फरार चल रहेमास्टर माइंड प्रकाश नारायण पांडेय की टाउनहाल स्थित दुकान की जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने गुरुवार को सील तोड़ी और भीतर रखे सभी दस्तावेज जब्त कर लिए। इस मामले के मुख्य आरोपी व मास्टर माइंड के बेटे रवि पांडेय को व्ही पार्क से गिरफ्तार करके बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस की कई टीमें रवि की तलाश में लगी हुई थीं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में सातवीं गिरफ्तारी हुई है। मामले का मास्टर माइंड प्रकाश अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
गिरफ्तार रवि पांडेय के साथ पुलिस व प्रशासन की टीमें बुधवार को रवि गन हाउस पहुंची। एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, ज्चाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार, एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद की अगुवाई में क रीब दर्जन भर प्रशासन और पुलिस के अफसर रवि आर्म्स कार्पोरेशन के प्रोपराइटर के बेटे रवि पांडेय के साथ सुबह 11 बजे टाउन हाल स्थित दुकान पहुंचे। पुलिस ने रवि को बुधवार को पकड़ा था। टीम ने वहां मौजूद हर कागजात अपने कब्जे में ले लिया जो तीन बोरों में रखकर कलेक्ट्रेट ले जाए गए। एडीएम सिटी का कहना है कि कलेक्ट्रेट में मौजूद रिकार्ड से इन रिकार्डों का मिलान कराया जाएगा। वहीं, एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि उन्हें रिकार्ड के बारे में बहुत जानकारी नहीं है लेकिन दुकान के भीतर जो भी दस्तावेज मिले हैं उनकी जांच कराई जाएगी। वहीं, एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता के मुताबिक इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों के बारे में सूचनाएं एकत्र किए जाने के लिए कई टीमें लगाई गईं हैं। इसी बीच सूचना मिली कि फर्जी लाइसेंस जारी कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला रवि आर्म्स कार्पोरेशन प्रोपराइटर के मालिक का लड़का रवि प्रकाश पांडेय शहर छोड़कर भागने वाला है। इस सूचना पर ह्वी पार्क के पास पहुंची पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। इसके आधार पर एसआईटी के सदस्यों को कई जगहों पर भेजा गया है, जल्द ही और सफलता मिलेगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर रवि राय, सब इंस्पेक्टर शेष कुमार शर्मा, सिपाही साहब लाल, अजीत शर्मा शामिल थे।
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जांच के दौरान रवि की बहन भी मौजूद रही
रवि पांडेय पुलिस की अभिरक्षा में दुकान पर लाया गया तो थोड़ी ही देर में उसकी एक बहन भी वहां पहुंच गई। कुछ दस्तावेजों के बारे में रवि उससे पूछता तो वह फोन पर घर के किसी सदस्य से बात कर उसकी जानकारी देती कि दुकान में संबंधित दस्तावेज कहा रखा गया है।
रिकार्ड तक पहुंचने में बहाना पड़ा पसीना
रवि आर्म्स कार्पोरेशन की सील तोड़ दस्तावेजों तक पहुंचने में प्रशासन और पुलिस के अफसरों को करीब चालीस मिनट तक पसीना बहाना पड़ा। दुकान में शस्त्र के साथ ही मैट्रेस और पर्दों की भी बिक्री होती है। ऐसे में इन सभी सामानों को निकालने में टीम को काफी मेहनत करनी पड़ी।
रवि के साथ पुलिस के अच्छे व्यवहार की चर्चा
छापे की सूचना मिलते ही दुकान के बाहर भीड़ लग र्गई। इस दौरान पुलिस जिस सम्मान के साथ रवि को ले आई और हर जानकारी के लिए सम्मान से उसका नाम पुकार रही थी, वह चर्चा में रहा। लोगों का कहना था कि लग ही नहीं रहा कि इतनी बड़ी जालसाजी के किसी आरोपी से पुलिस बातचीत कर रही है।
अब आमना-सामना कराकर पूछताछ करेगी पुलिस
- संयुक्त टीम करेगी दस्तावेजों की जांच
गोरखपुर। असलहा प्रकरण में आरोपी और शक के दायरे में आए असलहा दफ्तर कर्मचारी अलग-अलग बयान दे रहे हैं। अब पुलिस सभी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी ताकि पूरा मामला खुलकर सामने आ सके। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। अभी मुख्य आरोपी प्रकाश नारायण पांडेय की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकारी अफसर, कर्मचारी भी जांच की जद में है।
संयुक्त टीम करेगी दस्तावेजों की जांच
एसएसपी ने बताया कि रवि गन हाउस से बने दस्तावेजों की जांच प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम करेगी। क्योंकि लाइसेंस से जुडे़े कई ऐसे पहलू होते है जिसकी जानकारी पुलिस को नहीं होती है इसी वजह से डीएम ने फैसला किया है कि संयुक्त टीम जांच करे।
दो तरफ से रुपये कमा रहा था रवि
फर्जी लाइसेंस बनवाने में संलिप्त होकर रवि प्रकाश पांडेय दो तरफा रुपया कमा रहा था। एक तो फर्जी लाइसेंस बनवाकर दूसरा अपने ही गन हाउस से असलहा बेचकर। इसके पकड़े जाने के बाद ही पुलिस को कई और नाम मिले हैं।
ठोस सबूत के आधार पर ही होगी कार्रवाई
एसएसपी का कहना है कि पुलिस इस प्रकरण में कोई भी जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। ठोस सबूत होने पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। क्योंकि कोर्ट में सबूत पर्याप्त नहीं होने पर आरोपी जल्दी छूट जाते हैं।
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नवीनीकरण में भी खेल, मोहर, हस्ताक्षर की होगी जांच
असलहा का नया लाइसेंस ही नहीं, नवीनीकरण में भी खेल हुआ है। इसमें मोहर, हस्ताक्षर असली है या नहीं इसकी जांच बाकी है। एसएसपी ने बताया कि इस सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
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