खुले स्थानों या सड़क पर कूड़ा फेंकना अब भारी पड़ने वाला है। ऐसा करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने टास्क फोर्स का गठन किया है। फोर्स सिविल लाइंस क्षेत्र से निगरानी शुरू करेगी।
नगर निगम की टीम के देखने में आ रहा था कि सुबह सफाई कर्मचारियों के जाने के बाद दुकानदार अपनी दुकानों की सफाई कर बाद कूड़ा सड़क पर या खुले में डाल देते हैं। इस वजह से पूरे दिन गंदगी फैली रहती है।
इसको देखते हुए नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हैंडलिंग रूल्स 2016 के तहत ऐसे लोगों पर सख्ती करने की योजना तैयार की है। इसके लिए गठित टास्क फोर्स फिलहाल सिविल लाइंस क्षेत्र में नजर रखेगी। इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ एक दिन के अंतराल पर ‘कूड़ा फेंकना मना है’ अभियान चलाएगा।
ज्यादा कूड़ा निकालने वालों पर रहेगी निगाह
कूड़े को सड़क पर, सार्वजनिक खुले स्थानों पर फेंकना, जलाना तथा जमीन में दबाना प्रतिबंधित है। पटरी व्यवसायियों को खाने-पीने का बचा सामान, डिस्पोजिबल कप, प्लेट, रैपर्स, नारियल के अपशिष्ट, बची खाद्य सामग्री, सब्जियां, फल आदि को कंटेनर में रखना होगा। जिसे बाद में नगर निगम के कूड़ा पड़ाव अथवा कूड़ा वाहन में खाली करना होगा।
अभियान के दौरान टास्क फोर्स के साथ एक टिपर ट्रक तथा एक मैजिक रहेगा। जो वेंडर कंटेनर की बजाय थर्माकोल का डिब्बा प्रयोग करते मिलेंगे उनका तत्काल चालान काटा जाएगा। साथ ही थर्मोकोल के डिब्बे को भी जब्त कर लिया जाएगा।
टास्क फोर्स में शामिल अधिकारी
नगर आयुक्त द्वारा बनाई गई टास्क फोर्स में मुख्य अभियंता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई इंस्पेक्टर पीएन गुप्ता, सफाई सुपरवाइजर, चार पुलिसकर्मी या पीआरडी जवान तथा पांच सफाईकर्मी शामिल किए गए हैं।