स्मार्ट सिटी में हर साल 50 करोड़ से होंगे विकास के काम
गोरखपुर। केंद्रीय स्मार्ट सिटी मिशन की तर्ज पर राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत गोरखपुर का भी विकास होगा। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तैयार की गई गाइडलाइंस को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मेयर सीताराम जायसवाल ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि अब गोरखपुर का और बेहतर विकास हो सकेगा।
प्रदेश की स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में अब शत-प्रतिशत पेयजल की आपूर्ति, सुुनिश्चित विद्युत आपूर्ति, सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आईटी कनेक्टिविटी और डिजीटाइजेशन, ई-गवर्नेंस, स्वच्छ पर्यावरण, महिला, बच्चे व वृद्ध नागरिकों की सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था, स्वास्थ्य व शिक्षा की बेहतर व्यवस्था पर फोकस करके विकास किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक साल 50 करोड़ रुपये मिलेंगे। ऐसे में शहर को गंदगी से निजात मिलने और जलभराव की समस्या जल्द दूर होने की उम्मीद बनी है।
स्मार्ट सिटी: कई मानकों को पूरा करने की पड़ेगी जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चार साल पहले जब केंद्र सरकार ने देश के स्मार्ट सिटी की सूची तैयार की थी तो कई कमियों की वजह से अपना शहर इस सूची से बाहर हो गया था। लेकिन स्मार्ट सिटी के लिए जिन शर्तों को अनिवार्य किया गया है, उनमें से कुछ योजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं तमाम योजनाओं को पूरा करने के लिए करीब 2800 से 3000 करोड़ की दरकार होगी।
:: स्मार्ट सिटी में यह होगा बदलाव
शहर के पुराने क्षेत्रों को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा
प्रमुख स्थानों पर मुफ्त वाइफ ाई की सुविधाएं दी जाएगी
बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी
शहरों में जरूरत के आधार पर आधुनिक बस स्टाप बनाए जाएंगे
स्मार्ट सिटी वाले शहरों में 24 घंटे जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी
शहर के सभी घरों में सीवर के कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे
घनी आबादी वाले शहरों की सड़कें चौड़ी की जाएंगी
कूड़ा इधर उधर न फेंका जाए इसके लिए डस्टबिन रखे जाएंगे
मुख्य मार्गों के किनारे सौंदर्यीकरण के लिए गमले रखे जाएंगे और पौधे लगाए जाएंगे
शहरों में और बेहतर सुधार के लिए लोगों के सुझाव भी लिए जाएंगे
:: सीवर लाइन पर चल रहा है काम
शहर में मात्र सात से आठ फीसदी इलाके में सीवर लाइन बिछी हुई है, जो काफी पुरानी हो चुकी है। वहीं जलनिगम शहर के नंदानगर और इंजीनियरिंग कॉलेज वार्ड में सीवर लाइन बिछा रहा है। जिसपर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। पूरे शहर में सीवर लाइन को लेकर जलनिगम ने जो प्रस्ताव तैयार किया था, उसके मुताबिक करीब 2500 करोड़ खर्च होंगे।
:: 11 साल से अटका हुआ है सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का मामला 11 साल से अटका हुआ है। नगर निगम ने 2008 में जिस सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को बनाने की स्वीकृति दी थी, उसके लिए महेसरा में करीब 28 एकड़ जमीन खरीदी गई। कंपनी तय हुई, काम शुरू हुआ, लेकिन कंपनी करोड़ों रुपये डकार कर फरार हो गई। शासन ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद से नई कंपनी की तलाश अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
:: शहर के दो रूटों पर चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
शहर में इलेक्ट्रिक बस के संचालन की तैयारी की जा रही है। प्रदेश सरकार ने 10 इलेक्ट्रिक बसों के लिए मंजूरी दे दी है। बरगदवां के पास चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। ऐसा होने से लोगों को राहत मिलेगी।
:: बन रहें हैं आधुनिक बस स्टेशन
शहर में परिवहन की बेहतर सुविधा के लिए शहर में नए बस स्टेशन बनाए जा रहे हैं। नौसड़ में बस स्टेशन बन गया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न छोरों पर भी बस स्टेशनों के लिए जमीन चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए जगह चिह्नित भी किए जा चुके हैं।