प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर महाविद्यालयों की लापरवाही रिजल्ट की राह में रोड़ा बन रही है। इसके चलते सैद्धांतिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तमाम महाविद्यालयों के रिजल्ट घोषित नहीं किए जा सके हैं। गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे लेकर महाविद्यालयों को चेताया है कि महाविद्यालय इसे लेकर सतर्कता दिखाएं वरना उनका रिजल्ट लटक सकता है।
दरअसल यूनिवर्सिटी से जुड़े कई ऐसे महाविद्यालय हैं, जिन्होंने प्रैक्टिकल परीक्षा कराना तो दूर परीक्षकों को अनुमोदन तक नहीं कराया है। इसके चलते सैद्धांतिक परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर यूनिवर्सिटी की तेजी पर विराम लग जा रहा है। इसे लेकर यूनिवर्सिटी की चिंता अब चेतावनी में बदल गई है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने महाविद्यालय प्रबंधन से कहा है कि ऐसे सभी महाविद्यालय प्रैक्टिकल परीक्षा कराने के लिए जल्द से जल्द परीक्षकों के नाम का यूनिवर्सिटी से अनुमोदन करा लें। साथ ही साथ परीक्षा को अतिशीघ्र संपादित भी कराकर उसका अंकपत्र यूनिवर्सिटी को उपलब्ध करा दें, जिससे ऐसे सभी महाविद्यालयों का रिजल्ट घोषित किया जा सके। बता दें कि पिछले वर्ष भी यूनिवर्सिटी के सामने यह समस्या आई थी और लंबी कवायद के बाद प्रैक्टिकल परीक्षा कराकर रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकी थी।
यूनिवर्सिटी ने घोषित हुए 52 रिजल्ट
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के वार्षिक परीक्षा रिजल्ट के घोषित होने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को 52 और रिजल्ट यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की ओर से घोषित कर दिए गए। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि करीब 50 फीसदी रिजल्ट घोषित किए जा चुके हैं। दो तरह के महाविद्यालयों के रिजल्ट घोषित करने में बाधा आ रही है।, पहले ऐसे महाविद्यालय हैं, जिनके परीक्षा फार्म व परीक्षा शुल्क नियमानुसार यूनिवर्सिटी में जमा नहीं किए जा सके हैं। दूसरे वे महाविद्यालय हैं, जहां अभी प्रैक्टिकल परीक्षाएं संपन्न नहीं हो सकी हैं। घोषित रिजल्ट यूनिवर्सिटी की वेबसाइट http://ddugorakhpuruniversity.in पर भी देखे जा सकते हैं।