याद है हाफ पैंट में आते थे पढ़ने
गोरखपुर। चेहरे की झुर्रियां, सफेद बाल और उम्र के कारण शरीर भले ही ढल गया हो लेकिन सेंट्र एंड्र्यूज के पुरातन छात्र रविवार शाम जब आपस में मिले तो खुशी से चेहरे दमक उठे। एक दूसरे को गले लगाते हुए कोई कॉलेज के पुराने दिन याद कर रहा था तो कोई आज भी अपने सीनियर को देख कर अदब से अभिवादन करता नजर आया। खुशी ऐसी की मानो सभी के विद्यार्थी दिन लौट आए हाें। शाम को हुए कार्यक्रम में दो पुरातन छात्रों को अलंकृत किया गया और नई कार्यकारिणी का चयन किया गया।
कॉलेज में 1958 में एडमिशन लेने वाले राजेश कुमार सरकार ने सीनियर रहे राय पूर्णा प्रसाद को देखा तो झुक का अभिवादन किया। 96 वर्षीय राय पूर्णा प्रसाद ने बड़े भाई की तरह आशीर्वाद देते हुए कहा कि सेहत का ख्याल रखा करो। इसी बीच साथी कृष्ण मोहन गुप्ता आ गए। राजेश कुमार सरकार से बात होने लगी। 1958 के कॉलेज का माहौल याद करते हुए बोले कि उन दिनों हाफ पैंट पहन कर आने में भी अच्छा लगता था। सारे पुरातन छात्र एक दूसरे से मिलते तो पहले सिर्फ एक दूसरे का ही नहीं घर में बेटे बेटियों, बहुओं का भी हाल पूछते।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच दो पुरातन छात्रों को अलंकृत करने की घड़ी आ गई। संचालक डा. दीपक सिंह ने ऐलान किया कि इस वर्ष वरिष्ठ छात्र सुधांशू कुमार को और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश श्रीवास्तवा को अंलकृत किया जाएगा तो समारोह स्थल तालियों और हिप हिप हुर्रे से गूंज उठा।
चाय, नाश्ते और हंसी मजाक के बीच नई कार्यकारिणी गठन किए जाने का ऐलान हुआ तो सभी पुरातन छात्र अपनी राय और मत देने के लिए सतर्क हो गए। सभी ने एकमत से राजेश कुमार सरकार को ही दोबारा अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया। वाइस प्रेसिडेंट पर डॉ. केकेवी विश्वप्रेमी और एमपी कंडोई को चुना गया। सचिव पद पर महिला शक्ति को सम्मान देते हुए विद्यावती जी को चुना गया। संयुक्त सचिव पद के लिए सभी ने डॉ. दीपक सिंह को बेहतर बताया। खजाने की चाबी डॉ. आरएन सैमुअल को सौंपी गई। इनके अलावा सुनील केसरवानी, शम्सुल इस्लाम, सनीश, प्रमोद कुमार टेकरीवाल, प्रो. डीके सिंह, मनीरंजन सिन्हा, राकेश सिंह, डॉ. आरआर बनर्जी, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. राहुल श्रीवास्तव सहित 16 लोगों को कार्यकारी सदस्य बनाया गया।
कार्यकारिणी के गठन, सांस्कृतिक कार्यकम के बाद सभी ने साथ प्रीति भोज लिया और अगले वर्ष तक स्वस्थ रहने की कामना करते हुए भरे दिल से एक दूसरे को विदाई दी।