‘संस्कारित शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं ही कर सकती हैं नए भारत का निर्माण’
गोरखपुर। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुंड के छात्रावास का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने विद्या भारती संस्था की ओर से संचालित होने वाली सभी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों को संबोधित भी किया। शिक्षा और संस्कार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि संस्कारित शिक्षा ही छात्राओं को कुशल गृहणी और कुशल मां बनाती है। संतानों के जरिए संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता है। संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं ही नए भारत का निर्माण कर सकतीं हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में गुरु-शिष्य की बहुत पुरानी परंपरा है। यह परंपरा ही बालिकाओं के श्रेष्ठ चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करती है। उन्होंने शिक्षकों की सलाह दी कि छात्राओं को अस्पताल, जेल और सेना के कैंप आदि में ले जाएं ताकि उन्हें वहां के जीवन और कार्यशैली की जानकारी मिल सके। इससे शिक्षा तो प्रभावी होगी ही, संस्कारों का प्रारूप भी स्पष्ट होगा। इससे पहले लोकार्पण के मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सरोज तिवारी ने बताया कि सात करोड़ की लागत से बने भगिनी निवेदिता छात्रा निलयम (छात्रावास) में 240 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इसका शिलान्यास 2014 में हुआ था। इस अवसर पर प्रो रामअचल सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र, आरएसएस के प्रांत प्रचारक सुभाष, महापौर सीताराम जायसवाल, विद्यालय की अध्यक्ष प्रो. उमा श्रीवास्तव, प्रो. कीर्ति पांडेय, कमलेश सिंह, सुरेंद्र नाथ तिवारी, नीना अस्थाना, राजेश श्रीवास्तव, ओमप्रकाश जालान आदि मौजूद रहे।