बेलीपार क्षेत्र के चंदौली बुजुर्ग में सोमवार को निकली कलश यात्रा एक अनियंत्रित वाहन (पिकअप) से कुचलने से छह वर्षीय बच्चे हर्ष की मौके पर मौत हो गई। इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक यह एक सड़क दुर्घटना है। इसके विपरीत प्रत्यदर्शियों के मुताबिक कलश यात्रा में शामिल एक हाथी, डीजे की तेज आवाज से बिदक गया और उसने डीजे लदे पिकअप को पलट दिया, जिसके नीचे दबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। वन विभाग के एसडीओ टीएन सिंह हाथी के उत्पात की पुष्टि भी करते हैं, मगर एफआईआर में हाथी के गुम हो जाने से कोई कुछ करने की स्थिति में नहीं है।
वारदात के शिकार बच्चे के पिता रामसकल यादव की तहरीर पर पुलिस ने पिकअप व डीजे मालिक सदानंद त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बिना अनुमति कलश यात्रा निकालने पर आयोजक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी आरोपित घटना के बाद से गायब हैं।
दर्ज एफआईआर के मुताबिक चंदौली बुजुर्ग गांव में कुशीनगर के आचार्य नागेश पांडेय और जनकपुर धाम की रामलीला मंडली के सदस्यों ने सात दिवसीय रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया है। सोमवार की सुबह 9 बजे कलश यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा हाटा, चंदौली, डंवरपार होते हुए चंदौली बुजुर्ग स्थित शिव मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल पिकअप पर डीजे बज रहा था। इसी दौरान पिकअप के अनियंत्रित होकर पलटने पर उसके नीचे चंदौली निवासी हर्ष (6) दब गया।
इसकी जानकारी हर्ष के पिता रामसकल यादव को मिली तो वह मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से पिकअप को सीधा कर मासूम को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस दौरान पिकअप सवार और यात्रा में शामिल कुछ अन्य लोग भी चोटिल हो गए। बेलीपार एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पिकअप चालक की तलाश की जा रही है। उधर, यज्ञ के आयोजक आचार्य नागेश पांडेय भी घटना के बाद से गायब हैं।
एसडीएम ने दिलासा देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी बांसगांव नितेश सिंह, एडीएम बांसगांव अरुण मिश्रा और इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और पीएम आवास दिलाने का आश्वासन देकर गुस्साए परिजनों को शांत कराया। तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
एक जुलाई को इसी हाथी ने किया था उत्पात
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी ने तीयर गांव में अमल यादव के तिलक समारोह में भी उत्पात मचाया था। हाथी ने दो गुमटियां, बिजली के पोल, दो ट्राली और कुछ पेड़ क्षतिग्रस्त कर दिए थे। 17 दिन बाद यह हाथी सामान्य हुआ था।