पहले बताया था खुदकुशी अब हत्या का केस दर्ज
गोरखपुर। खोराबार इलाके के कुसम्ही रेलवे स्टेशन के पास चंद्रिका कॉलोनी में पूर्व महिला मित्र के घर के सामने गोली लगने से हुई प्रापर्टी डीलर बलराम यादव की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पहले इसे खुदकुशी का मामला बताया था मगर रविवार सुबह सपा नेताओं के थाने में जुटने पर पुलिस ने मृतक के भाई सिकंदर यादव की तहरीर के आधार पर पूर्व महिला मित्र आकृति दुबे, उसकी मां शालिनी दुबे और चार अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
थाने में दर्ज केस के मुताबिक प्रापर्टी का काम करने वाले बलराम की रामनगर करजहां में जमीन थी। पास में ही आकृति का भी घर है। घर से बलराम प्लाट से ही खाना खाकर आने की बात कहते हुए निकला था। वहीं पर आकृति आई और उसे बुलाकर घर ले गई फिर मां और चार लोगों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को बाहर लाकर रख दिया था। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि कुछ लोगों ने बलराम को घर में बुलाकर ले जाते भी देखा था। मगर घटना के तत्काल बाद पुलिस इसे खुदकुशी बताकर आरोपियों को बचाने की कोशिश करने लगी। मृतक के चचेरे भाई शैलेश यादव सपा से ब्लॉक प्रमुख है। मामले की जानकारी होने पर कई सपा नेता भी थाने पर जुट गए। रविवार को नेताओं ने घटना को हत्या बताते हुए केस दर्ज करने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया।
असलहा बरामद ना होना बड़ा सवाल
बलराम यादव के घरवाले असलहा बरामद नहीं होने पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक तो बलराम के पास कोई असलहा नहीं था दूसरे यदि वह खुदकुशी करता तो आरोपी असलहा लेकर क्यों भागते। साक्ष्य को छिपाने के लिए आरोपी असलहा लेकर भागे हैं। पुलिस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करें तो पूरा मामला खुलकर सामने आ जाएगा।
तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है, जो भी सच्चाई होगी जल्द सामने आ जाएगी। - डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी