मंगेतर का मोबाइल पर कॉल आने के बाद युवती ने घर के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद बेटी का शव देख कर परिजन फफक पड़े। पीड़ित पिता मानसिक रूप से कमजोर हैं तो मां दिव्यांग। इसके साथ ही परिवार में छोटे- छोटे भाई बहन है। इधर सोमवार को पुलिस ने सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती की मौत से परिजनों का रो - रो कर बुरा हाल है।
पुरवा गांव निवासी 18 वर्षीय रिंकी चौहान पुत्री राम नेवास ने रविवार की शाम को घर के अंदर दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने पर परिजनों के रोने- चिल्लाने की आवाज पर आस-पास के ग्रामीण जुट गए। युवती की 20 नवंबर को शादी होनी थी। शादी क्षेत्र के ही छाता गांव में तय थी। सगाई के बाद से ही मंगेतर रिंकी से अक्सर फोन पर बातचीत करता था।
रिंकी चार भाई बहनों में सबसे बड़ी थी। पीड़ित चाचा भरत राम ने बताया कि भतीजी रिंकी अपने मंगेतर से अक्सर फोन पर बात करती रहती थी। मंगेतर कई बार रिंकी से गांव के उत्तर ईट भट्ठे तक पहुंच कर मिलता जुलता भी था। बताया कि रविवार को दोपहर में मंगेतर से बात करने के बाद भतीजी ने कमरे के अंदर दरवाजा बंद करके फंदे पर लटक कर जान दे दी।
पीड़ित मां चंदा देवी एक पैर से दिव्यांग है। पिता रामनिवास मानसिक रूप से कमजोर है। मां की मेहनत मजदूरी से परिवार का खर्च चलता है। पीड़ित मां चंदा देवी ने बताया कि छोटे भाई- बहन समझे कि बड़ी बहन सोने जा रही है। अंदर से कमरे का दरवाजा बंद था। उसे खोलने के लिए दरवाजा खटखटाया गया तो नहीं खुला।
उन्होंने बताया कि देखा गया तो बेटी रिंकी दुपट्टा से फंदे से लटकती मिली। चीख पुकार पर आसपास के लोग जुट गए और बाघनगर चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने पर शव को नीचे उतारा गया। मंगेतर से क्या बात हुई कि बेटी ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
प्रधान अब्दुर्रहीम ने तो यहां तक बताया कि रिंकी की मोबाइल पर घटना घटित होने के बाद भी मंगेतर ने कई बार फोन करके बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन बुलाने पर मंगेतर आया नहीं। चौकी इंचार्ज शर्मा सिंह यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। युवती की मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।