बच्चों के खाने के मद में दी गई धनराशि तीन स्कूलों के हेडमास्टरों ने खुद के खाते में डाल ली। कई महीने से मिड-डे मील में चल रहे घपले का मामला बीएसए ने जांच के दौरान पकड़ लिया। तीनों स्कूलों में अप्रैल में एक दिन भी दोपहर का भोजन भी नहीं बना है और स्कूल में बच्चों की संख्या बहुत कम मिली। बीएसए ने स्पष्टीकरण मांगते हुए मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
बीएसए को शिकायत मिली थी कि जंगल कौड़िया के प्राथमिक विद्यालय मंगलपुर के हेडमास्टर अभयनंदन पांडेय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंगलपुर के हेडमास्टर जनार्दन चौबे और प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर की हेडमास्टर रईसा अंजुम मिड-डे मील का चेक पिछले कई महीनों से खुद के खाता के नाम से काट रही हैं और स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बन रहा है।
शनिवार को बीएसए ओम प्रकाश यादव ने तीनों स्कूलों में चेकिंग की। तीनों स्कूलों के हेडमास्टर के खिलाफ मिली शिकायतें सही मिली। हेडमास्टर ने खुद के नाम से चेक काटा था। वहीं मंगलपुर प्राथमिक विद्यालय में एक भी विद्यार्थी नहीं आया था जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंगलपुर में 11 और प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ 9 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों हेडमास्टरों से बीएसए ने स्पष्टीकरण मांगा है और जांच टीम गठित कर दी है। बीएसए ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।