गोरखपुर। स्पोर्ट्स कॉलेज रोड पर निर्माणाधीन बसंतकुंज अपार्टमेंट के बाहर बुधवार को एक युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस का अनुमान है कि युवती की हत्या करके सातवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम में युवती की मौत की वजह सिर में चोट लगना बताई गई है। पुलिस ने अपार्टमेंट के गार्ड और एक मजदूर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
चिलुआताल प्रतिनिधि के मुताबिक युवती की लाश मिलने की खबर सुनकर आसपास के इलाके के लोग भी मौके पर जुट गए। गायत्रीपुरम् में रहने वाले कल्याण सिंह भी यही सुनकर वहां गए तो यह देखकर सन्न रह गए कि लाश उनकी बेटी अंजलि की है। पता चलने पर एसएसपी भी मौके पर गए। जांच में युवती के सिर में गंभीर चोट पाई गई, कान और नाक से खून निकल रहा था और चेहरे पर नाखून से खरोंच के निशान पाए गए। ऊपर से गिरने की वजह से दाएं पैर और बाएं हाथ की हड्डी भी टूटी हुई मिली। पुलिस को सातवीं मंजिल पर पांवों के निशान भी मिले हैं। पूछताछ में पता चला कि अंजलि के नीचे गिरने के बाद गार्ड दयासागर यादव ने पुलिस को सूचना के बजाय इमारत में काम करने वाले मजदूर शंकर के साथ मिलकर उसका शव इमारत से बाहर ले जाकर सड़क के किनारे छोड़ दिया।
बकौल कल्याण सिंह, अंजलि पिछले दो दिनों से कुछ परेशान लग रही थी। हालांकि इसकी कोई वजह उन्हें नहीं मालूम। वह रोज सुबह टहलने भी जाती थी। उनकी पत्नी इंद्रावती ने बताया कि मंगलवार को रात में वह उन्हीं के साथ सोई थी। सुबह पांच बजे जब वह जागीं तो घर के काम में लग गईं। करीब साढ़े छह बजे कमरे में गई तो अंजलि वहां नहीं थी। उन्हें लगा कि वह टहलने गई होगी। सात बजे तक जब वह नहीं लौटी तो कल्याण सिंह परेशान हो उठे। थोड़ी देर बाद ही उन्हें लाश मिलने का पता चला। एसओ रामपाल यादव ने बताया कि शक के आधार पर गार्ड और मजदूर पर मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। एहतियातन स्वॉब भी सुरक्षित रख लिया गया है।
देवरिया के रुद्रपुर में बेलवा दुबौली के तेज मणि सिंह की बेटी अंजलि को तीन वर्ष की उम्र में उसके चाचा कल्याण सिंह ने गोद ले लिया था। सन् 2004 में एचएमटी से वीआरएस लेकर कल्याण सिंह गायत्रीपुरम् में घर बनाकर अपनी पत्नी इंद्रावती और बेटी अंजलि के साथ रहने लगे थे। अंजलि ने इसी साल एम.कॉम की पढ़ाई पूरी की थी।