दिवाली की रात 10 बजे गोरखपुर की गिरधरगंज परीषदीय स्कूल प्रांगण में लगे पटाखा बाजार में आग लग गई। आग में करीब 12 दुकान जल गईं। इस अग्निकांड में करीब 20 लाख के नुकसान की आशंका है।
आग में एक दुकानदार की बाइक भी जल गई। आग इतनी भयानक थी कि एक किलोमीटर दूर स्थित विशुन पुरवा के घरों की छत से लोग वीडियो बना रहे थे। दो घंटे बाद 12 बजे दमकल की दो गाड़ियां पहुंची।
पुलिस ने मोहल्ले के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। रिहाइशी इलाके में आग से अफरा-तफरी मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते इधर उधर भाग रहे थे। कुछ दुकानदारों के गले में रखी नकदी भी जल गई। टेंट वाले का सामान जल गय।
भीषण आग को देखते हुए बाजार के आसपास के घरों के लोग अपना सामान घरों से निकालकर सुरक्षित जगह ले जाने लगे। कुछ लोग आग बुझाने में लगे रहे। वहीं कुछ लोग तमाशबीन बनकर वीडियो बनाने में लगे रहे।
वहीं कुछ लोग मौके का फायदा उठाते हुए पटाखे भी लूटने में लगे थे। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम सदर प्रथमेश कुमार अपनी पत्नी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, सीओ कैंट रोहन प्रमोद, कैंट इंस्पेक्टर और इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी इंचार्ज घटनास्थल पर पहुंचे। पटाखा बाजार में आग लगने के बाद दुकानदारों ने बताया कि एक ग्राहक ने बच्चों वाली बंदूक खरीदी, वहीं गोली भरकर चेक करने लगा। उससे निकली चिंगारी से आग लग गई।
वहीं कुछ दुकानदारों का कहना है कि किसी ने रॉकेट जलाया, जिसकी चिंगारी से सबसे पहले विशाल की दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते पूरे पटाखा बाजार में आग फैल गई।
धमाके की आवाज दूर-दूर तक आने लगी। एक ही जगह से धुआं, आग की लपटें और विस्फोट होते देख लोग सहम गए। लोग छतों से वीडियो बनाने लग गए। दुकानादरों ने बताया सुरक्षा के लिहाज से बालू, पानी, सिलेंडर आदि की व्यवस्था की गई थी।
यहां तक कि फायरब्रिगेड की छोटी गाड़ी भी पहले से मौजूद थी। आग लगते ही बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग काबू से बाहर हो गई। दुकानदार और वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने मे लग गए।
दुकानदार राकेश गिरी का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, उनका करीब ढाई लाख रुपये का सामान जला है। साथ ही इनकी बिक्री से प्राप्त रूपये भी जल गए हैं। कृष्ण प्रताप के अनुसार, उनका भी ढाई लाख रुपये का सामान जला है। हेमंत ने बताया कि पहली बार उन्होंने दुकान लगाई थी। आग से करीब दो लाख रुपये से ज्यादा का सामान जलकर राख हो गया।
पटाखा बाजार में कुल 21 दुकानें लगी थीं। जिन दुकानदारों की दुकानें नहीं जली उनका कहना हैं कि अफरा-तफरी और भगदड़ में असामाजिक तत्वों ने सामान और गल्ले से रूपये लूट लिए।