गल्ला मंडी स्थित रुई के गोदाम में आग लग गई। आग की वजह शार्टसर्किट बताया जा रहा है। आग से लाखों की रुई जलकर राख हो गई। आग बुझाने के लिए दमकल की नौ गाड़ियां लगाई गईं। घंटों प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आसपास पानी की सुविधा न होने के कारण प्रारंभिक स्थिति में लोग विवशता में खाली हाथ खड़े रहे।
कोतवाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर के रहने वाले सीताराम अग्रवाल की मंडी में एसके ट्रेडिंग कंपनी नाम से रुई का कारोबार है। दुकान के पास में ही इनके दो गोदाम है। शनिवार की सुबह करीब 9:15 बजे उन्हें फोन पर आग लगने की सूचना मिली। आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां पहुंच गई थीं। दमकल की गाड़ियों को गोदाम तक पहुंचने के लिए दीवार को तोड़ा गया। आग्निशमन दस्ते ने दोपहर के बारह बजे आग पर काबू पाया। फर्म के मालिक सीताराम ने बताया कि इस अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ है।
हाइड्रेंट की व्यवस्था ही नहीं
गोरखपुर। पूरे मंडी में कहीं भी हाइड्रेंट की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से दमकल की गाड़ियों को पानी भरने के लिए पास के सर्राफा रेजीडेंसी और इनकम टैक्स ऑफिस जाना पड़ रहा था। आग की बढ़ती लपटों को देखते हुए मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गोरखनाथ मंदिर में लगी दमकल की गाड़ियों को भी बुला लिया गया था।
सूचना पर मेयर और नगर आयुक्त भी मंडी पहुंचे
महेवा स्थित नवीन सब्जी मंडी में रूई के गोदाम में आग लगने की सूचना के बाद मेयर डॉ. सत्या पांडेय और नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी ने वहां पहुंचे। नगर आयुक्त ने तत्काल वहां जेसीबी बुलवाई और दीवार तोड़कर आग बुझाई गई। वहां मौजूद व्यापारियों ने मेयर और नगर आयुक्त को धन्यवाद दिया।