सांसद आदित्यनाथ ने एम्स का शिलान्यास करने, नए फर्टिलाइजर कारखाने की आधारशिला रखने और महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने नए खाद कारखाने तथा एम्स के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इन कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता देने का अपने कार्यालय को निर्देश भी दिया।
सांसद ने बताया कि सात अप्रैल को प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव के साथ केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार, पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कोयला मंत्री पीयूष गोयल की बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ कि पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिकीकरण के लिए गोरखपुर बरौनी तथा सिन्दरी में बंद खाद कारखानों को सरकार स्वयं संचालित करे। इसे ऊर्जा, कोयला और पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों की मदद से चलाया जाएगा। बैठक में हल्दिया, जगदीशपुर गैस पाइप लाइन को वाया गोरखपुर होते हुए ले जाने पर भी बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने गोरखपुर में एम्स में हो रही देरी पर चिंता जताई। एक वर्ष से अधिक समय से प्रदेश सरकार जमीन का ठोस प्रस्ताव नहीं दे पाई। नौ अप्रैल को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें प्रदेश सरकार ने जमीन संबंधी सभी औपचारिकताओं को अविलंब पूरा करने का आश्वासन दिया था। सांसद ने बताया कि यदि प्रदेश सरकार भूमि संबंधी सभी प्रकार की बाधाएं दूर कर देती है तो प्रधानमंत्री एम्स एवं गोरखपुर खाद कारखाने का शिलान्यास जल्द कर देंगे।