फर्जी शस्त्र लाइसेंस में गिरफ्तार लोग और हथियार।
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फर्जी लाइसेंस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आबकारी सिपाही समेत दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 12 असलहों की बरामदगी भी की गई है। सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर पुलिस ने रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
शुक्रवार को एसआईटी प्रभारी एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद ने खोराबार थाने में सभी से घंटों पूछताछ की थी और लाइसेंस बनवाने से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई। सभी ने बताया कि उन्होंने एक प्रक्रिया के तहत ही लाइसेंस बनवाया था। उन्हें नहीं पता कि यह लाइसेंस फर्जी है। इतना ही नहीं समय-समय पर नवीनीकरण भी कराया और चुनाव व अन्य त्योहार में थाने में शस्त्र को जमा भी किया था।
एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि खोराबार निवासी विनोद कुमार के पास से डीडीएल गन, जर्दा गांव निवासी जगदीश शुक्ला के पास से एसबीबीएल गन, जंगलसिकरी निवासी मोहम्मद बिन कासिम के पास से एसबीबीएल गन, छपरा गांव निवासी रामहित यादव के पास से एचपीएम गन, मिर्जापुर निवासी राम आशीष निषाद के पास से रिपिटर पंप गन, जंगल रामलखना निवासी विजय प्रताप सिंह के पास से डीबीबीएल गन, जंगल चौरी टोला शेख निवासी महताब आलम के पास से एसबीबीएल गन, रायगंज बाजार निवासी राम चंद्र के पास से राइफल, नवां अव्वल निवासी राम नयन के पास से एसबीबीएल गन बरामद किया है।
एएसपी ने बताया कि जिले में एक यूआईएन (यूनिक आईडेंटिटी नंबर) पर तीन असलहे भी जारी किए गए हैं, इनमें कुल 29 यूआईएन ऐसे हैं जिन पर तीन-तीन असलहे जारी किए गए हैं। इनके अलावा जितने भी इस तरह के लाइसेंस जारी किए गए हैं, वह सभी फर्जी पाए गए हैं।