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बिजली चेकिंग: कहीं बंधक बने, कहीं हड़काए गए

Sat, 09 Apr 2016 07:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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एमएम नर्सिंग होम में मीटर की चेंकिग को लेकर हुए बवाल के बाद मीटर दिखाता विद्युत कर्मचारी। - फोटो : shivharsh
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बिजली के बड़े बकायेदारों से वसूली में विभाग के अफसरों-कर्मचारियों को पसीना छूट रहा है। अभियान में निकल रही टीम को कहीं-कहीं भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बिल या मीटर में गड़बड़ी का आरोप लगाकर कहीं उपभोक्ता टीम को घेर ले रहे हैं तो कहीं उन्हें तबादले और जान से मारने तक की भी धमकी मिल रही है। दरअसल, बड़े बकायेदारों में ज्यादातर के रसूखदार होने की वजह से टीम कोे वसूली में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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शनिवार को बेतियाहाता के एमएम नर्सिंग होम में जमकर हंगामा हुआ। वहां मीटर की चेकिंग करने गए एक अभिषेक नाम के व्यक्ति को वहां के कर्मचारियों ने बंधक बना लिया। अस्पताल प्रशासन का आरोप था कि वह बिजली विभाग का कर्मचारी नहीं है और उसने बिना इजाजत बिजली का मीटर खोल दिया। उन्होंने करीब घंटे भर तक उसे बंधक बनाए रखा।

बाद में रुस्तमपुर उपकेंद्र के एसडीओ पीके जायसवाल और जेई मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बताया कि 10 किलोवाट से अधिक के कनेक्शन की मीटर की जांच के लिए इनवेंटिव सॉफ्टवेयर संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। जो कर्मचारी जांच कर रहा था वह उसी कंपनी का है। इसके बाद  कर्मचारियों ने उसे छोड़ा।
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उधर, 2010 से ही करीब 1.39 लाख रुपये का बिजली बिल का बकाया वसूलने राप्तीनगर पहुंची टीम को संबंधित उपभोक्ता ने कार्रवाई नहीं करने दी। टीम ने सख्ती दिखाई तो उसने भी धौंस जमानी शुरू कर कर दी।

विभाग में गहरी पैठ का हवाला देते हुए उसने पूरी टीम का तबादला कराने के साथ ही मारने-पीटने की भी धमकी दे डाली। भारी विरोध की वजह से टीम न तो उसका कनेक्शन काट सकी और न ही वसूली ही कर सकी।   
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