किन्हीं वजहों से अभी तक वोटर नहीं बन सके हैं तो अब मौका मिलेगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विधानसभा मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान 16 दिसंबर से शुरू होगा। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में वोटर बनने के साथ ही मतदाता सूची और वोटर कार्ड से जुड़ी खामियां भी दुरुस्त कराई जा सकेंगी। पुनरीक्षण अभियान को लेकर आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिला निर्वाचन कार्यालय में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।
जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही अभियान की शुरूआत हो जाएगी। यह प्रक्रिया 15 जनवरी 2020 तक चलेगी। 27 जनवरी तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण होगा। चार फरवरी तक पूरक सूचियां तैयार होंगी और सात फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। वोटर बनने के लिए आवेदक बीएलओ, तहसील प्रशासन या फिर जिला निर्वाचन कार्यालय में फार्म 6 भरकर जमा कर सकते हैं।
ये है अभियान का कार्यक्रम-
मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन: 16 दिसंबर 2019
दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि: 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2020 तक
दावे और आपत्तियों का निस्तारण: 27 जनवरी 2020 तक
पूरक सूचियों की तैयारी: 04 फरवरी 2020
निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन: सात फरवरी 2020
ये फार्म भरने होंगे-
वोटर बनने के लिए: फार्म 6
वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए: फार्म 7
वोटर लिस्ट में नाम-पता संशोधित कराने के लिए: फार्म 8