मुकद्दस रमजान महीने का 30 रोजा मुकम्मल होने के बाद हर किसी की नजरें चांद के दीदार पर लगी थीं। आसमान में छाए बादल लोगों की चिंता बढ़ा रहे थे और हर कोई एक-दूसरे से चांद के बारे में पूछता नजर आ रहा था। शाम को सबकी नजर उर्दू बाजार के शाही जामा मस्जिद की ओर से लग गई, जहां से चांद रात का एलान होना था। हमेशा की तरह हिलाल कमेटी बैठी और उसने चांद दिखने की तस्दीक की। पेश इमाम अब्दुल जलीज मजहरी ने कमेटी के इस तस्दीक का डंके के साथ ऐलान किया और लोगों के चेहरे खिल उठे।
ईद बृहस्पतिवार को है, इस जानकारी ने रोजेदारों का उत्साह दोगुना कर दिया। मस्जिदों के बाहर पटाखे की आवाज गूंजने लगी। रमजान के आखिरी दिन अल्लाह की खुशी के लिए रखे गए रोजे के बाद रोजेदारों ने ईद के चांद को सलाम किया और इसके साथ ही रहमत और बरकत के महीने रमजान का 30 रोजे का सफर पूरा हुआ। उसके बाद गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देने का जो सिलसिला चहुंओर शुरू हुआ और वो देर रात तक चलता रहा। लोग जकात और फित्र की रकम अदा करने की रवायत पूरी कर अल्लाह को खुश करते नजर आए।
बाजारों में उमड़ा खरीदारों का हुजूम
जामा मस्जिद से ईद का एलान होते ही शहर के बाजारों में भीड़ अचानक बढ़ गई। शाहमारूफ, रेतीचौक, खूनीपुर, घंटाघर, नखास चौक, जाफराबाजार, बक्शीपुर, रसूलपुर, गोरखनाथ, इस्माइलपुर सहित शहर के कई इलाकों में खरीदारों का हुजूम उमड़ पड़ा। इन बाजारों में एक-एक कदम बढ़ाना मुश्किल हो गया। हर कोई ईद को लेकर अपनी बची खरीदारी पूरी कर लेना चाह रहा था।
किसी को सेंवई खरीदने की जल्दी थी तो कोई मेवे की खरीदारी में लगा था। महिलाएं भी घरों से निकल पड़ी, जिसके चलते मेंहदी, चूड़ी, पर्स और मेकअप की दुकानों पर भीड़ को काबू करना मुश्किल होता नजर आया। उधर पुरुष इत्र, टोपी, बेल्ट और पर्स जैसे सामान खरीद कर अपनी जरूरत पूरी कर लेने की जल्दी में रहे। चाहे स्थायी दुकानदार हो या फिर अस्थाई, सभी बेहद व्यस्त थे और सामान खरीदारों तक पहुंचाने की जद्दोजहद में थे। मीट और चिकेन की दुकानों पर भी खरीदारों का हुजूम उमड़ा दिखा। देर रात तक इन दुकानों पर लोग कतार में लगे नजर आए। भीड़ को देखते हुए रेती चौक और जाफरा बाजार को वन-वे कर दिया गया था। देर रात तक शहर की सड़कों पर चहल-पहल बनी रही।
शिया समुदाय ने हर्षोल्लास से मनाई ईद
सर्वोच्च शिया धर्मगुरु के आदेश पर शिया समुदाय ने ईद का त्यौहार बुधवार को हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया। ईद मनाने के निर्देश के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिले और मुबारकबाद दी। दरअसल पहले मरकज़ी शिया चांद कमेटी ने सात जुलाई को ईद मनाने का एलान किया गया था, लेकिन इस बीच मंगलवार को ही देश के कुछ हिस्सों में चांद देखे जाने की तस्दीक हो गई। हालांकि मैदानी इलाकों में मानसून के घने बादल होने के चलते चांद का दीदार नहीं हो सका।
इन सबके बीच मंगलवार की देर रात ईरान से शिया समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु आयतुल्लाह उज़मा अली सिस्तानी की वेबसाइट पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत और बांग्लादेश के साथ पूरे दक्षिण एशिया में ईद मनाए जाने का एलान चांद की तस्दीक के आधार पर किया गया। भारत के वरिष्ठ शिया धर्म गुरु कल्बे सादिक व अन्य धर्मगुरुओं ने ईरान स्थित सर्वोच्च शिया धर्मगुरु के कार्यालय से संपर्क किया तो वहां से छह जुलाई को को ईद मनाने का निर्देश मिला। इस आधार पर गोरखपुर में बुधवार की सुबह चार बजे शिया जामा मस्जिद के इमाम शबीहुल हसन आजमी ने बुधवार को ईद मनाने व सुबह 10 बजे ईद की नमाज का एलान किया। उसके बाद सभी शिया घरों में ईद की खुशियां फैल गईं। सुबह से लेकर देर रात तक मिलने-मिलाने और मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।
ईदगाहों पर ईद की नमाज का वक्त
ईदगाह मुबारक खां शहीद - सुबह 8 बजे
चिलमापुर- 8.30 बजे
सेहरा बाले का मैदान- 9 बजे
बेनीगंज- 9 बजे
इमामबाड़ा स्टेट- 8.30 बजे
फतहपुर- 9.30 बजे
पुलिस लाइन- 9 बजे
मस्जिदों में नमाज का वक्त
मस्जिद औलाद अली बक्शीपुर - सुबह 9 बजे
मस्जिद हुदा, इस्लामाबाद गोरखनाथ- 8.30 बजे
शाही मस्जिद तकिया कवलदह- 8 बजे
जामा मस्जिद रसूलपुर - 8 बजे
जामा मस्जिद अबु बाजार ऊंचवा - 8.30 बजे
दारोगा खां मस्जिद अफगानहाता - 7 बजे
बैतुल नूर मस्जिद चक्शा हुसैन - 8.15 बजे
जामा मस्जिद उर्दू बाजार - 8.30 बजे
संगी मस्जिद शाही मदरसा चौराहा - 7.30 बजे