35 प्रधानों को डीएम ने जारी किया नोटिस
गोरखपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालयों के निर्माण में लापरवाही व अनियमितता पर पंचायत सचिवों और सहायक विकास अधिकारियों के बाद अब प्रधानों पर भी सख्ती शुरू हो गई है। 500 से अधिक शौचालयों के जियो टैगिंग नहीं करने वाले 35 गांवों के प्रधानों को डीएम के. विजयेंद्र पांडियन की तरफ से शुक्रवार को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही सभी को चेतावनी दी गई है कि शौचालयों की जियो टैगिंग का काम पूरा नहीं कराने पर संबंधित के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार पर रोक लगाने के साथ ही और भी कार्रवाई होगी।
जिन गांवों के प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है उनमें चरगांवा के सर्वाधिक 12, जंगल कौड़िया, खजनी, खोराबार, पिपरौली, उरुवां, पिपरौली बांसगांव व भटहट ब्लॉक के एक, भरोहिया के पांच, ब्रह्मपुर के चार, पिपराइच व सहजनवां के दो तथा सरदारनगर ब्लॉक के तीन गांव शामिल हैं। डीएम ने नोटिस में कहा है कि जियो टैगिंग नहीं होने की वजह से भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। शौचालयों की बाकी के किस्त की रकम नहीं मिल पा रही है। उन्होंने साफ कहा है कि जियो टैगिंग नहीं होने से यह प्रतीत होता है कि या तो गांव में शौचालय बने नहीं है या फिर दूसरे शौचालयों की फोटो अपलोड कर दी गई है। यह भी हो सकता है कि प्रोत्साहन धनराशि निकाल ली गई और लाभार्थी को मुहैया नहीं कराई गई। शौचालयों में लापरवाही पर ही डीएम ने करीब 25 दिन पहले 269 सचिव और 20 सहायक विकास अधिकारी का वेतन रोकने की कार्रवाई की थी।
तीन श्रेणियों में बांटकर होगी कार्रवाई
जिला पंचायतीराज विभाग के मुताबिक शौचालयों की जियो टैगिंग में लापरवाही व अनियमितता करने वाली पंचायतों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 500 से अधिक शौचालयों तक की जियो टैगिंग नहीं करने वाले 35 गांव के प्रधानों को डीएम की तरफ से जबकि 300 से 499 के बीच वाले 400 गांवों के प्रधानों को सीडीओ की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा। इसी तरह 299 शौचालयों तक की जियो टैगिंग नहीं कराने वाले 800 गांवों के प्रधानों को डीपीआरओ की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा।
40 हजार शौचालयों की जियो टैगिंग पूरी
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और सीडीओ अनुज सिंह की सख्ती का कुछ असर भी दिखाई पड़ने लगा है। जिला पंचायतीराज विभाग के मुताबिक जिले में 1.92 लाख ऐसे शौचालय हैं जिनकी जियो टैगिंग की प्रगति 90 फीसदी से कम थी। सभी पंचायत सचिवों और सहायक विकास अधिकारियों के वेतन रोकने की कार्रवाई के बाद से अब तक 40 हजार शौचालयों की जियो टैगिंग पूरी हो चुकी है।