गोरखपुर। पांच किलो एलपीजी के छोटे सिलिंडरों को ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बनाने में कामयाबी न मिलने पर इंडियन ऑयल ने इसके बिक्री केंद्र बढ़ाने का निर्णय लिया है। अभी गैस एजेंसियों तक सीमित ‘छोटू’ आने वाले दिनों में किराने से लेकर सामान्य प्रॉविजनल स्टोर पर भी बिकता नजर आएगा। गैस एजेंसियों को इसके लिए दुकानदारों का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
गैस की कम खपत वाले लोगों को ध्यान में रखकर लाई गई छोटे सिलिंडर को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए सहज नामक संस्था को सक्रिय किया गया था। गैस एजेंसी संचालकों से मिले फीडबैक के मुताबिक जिस मकसद से छोटे सिलिंडर की स्कीम लाई गई थी, ग्राहकों के बीच से उसकी वैसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली।
गैस कंपनियों का मानना है कि इसकी बिक्री का केंद्र गैस एजेंसियां ही होने के कारण जहां ग्राहकों का ध्यान ‘छोटू’ की ओर नहीं जा पाता, वहीं लोगों को यह भी भ्रम है कि पांच किलो गैस वाले इस सिलिंडर को लेने में कागजी जटिलताएं ज्यादा हैं। कंपनी की योजना के मुताबिक छोटे सिलिंडर में भी घरेलू और कॉमर्शियल दो श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें से कॉमर्शियल की कीमत 360 और घरेलू की 250 रुपये तय है।
‘छोटू’ को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अब इसकी बिक्री आम दुकानों से कराने का निर्णय लिया गया है। इंडियन ऑयल ने एजेंसी संचालकों को कहा है कि वे अपने इलाके से इस काम के इच्छुक निजी दुकानदारों से संपर्क करें। ‘छोटू’ की सहज उपलब्धता इसकी मांग का दायरा बढ़ा सकती है। इस कोशिश से अनधिकृत रूप से रीफिल कर छोटे सिलिंडर बेचने की निजी कोशिशों पर रोक भी लग सकेगी।
इस काम के इच्छुक दुकानदारों को सिक्युरिटी के तौर पर गारंटी देनी होगी, जबकि आईडी प्रूफ देकर खुद की शिनाख्त का प्रमाण उपलब्ध कराना होगा। दुकानदार घरेलू और कॉमर्शियल में से किसी एक श्रेणी के छोटे सिलिंडर की बिक्री का विकल्प चुनने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
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छोटे सिलिंडर को किराने या उस जैसी सामान्य दुकानों के जरिए बिकवाने की छूट गैस एजेंसी संचालकों को दी जा रही है। दुकानदारों को एक सिलिंडर पर दिए जाने वाले कमीशन का निर्णय जल्द करके नए साल से नए प्रयोग को प्रभावी करने की तैयारी है।
चेतन पटवारी, एरिया मैनेजर, इंडियन ऑयल