बडे़ नोटों की पाबंदी के दो महीने बाद भी करेंसी की दिक्कत बनी हुई है। इससे लोग अब भी परेशान हैं। वहीं शहर के अधिकांश एटीएम बंद होने से लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। हालांकि आरबीआई से विभिन्न बैंकों को करीब 200 करोड़ रुपये मिलने से स्थिति थोड़ी बेहतर होेने की संभावना जताई जा रही है।
नोटबंदी के दौरान लोगों को राहत देने वाले बैंक एचडीएफसी के एटीएम की स्थिति शनिवार को काफी खराब रही। एचडीएफसी के अधिकांश एटीएम के शटर गिरे रहे। हालांकि कमोबेश यही स्थिति अन्य बैंकों के एटीएम की भी थी। जानकारी के अनुसार शनिवार को केवल 25 से 26 एटीएम ही लोगों की जरूरतें पूरी कर सके। इसके अलावा करेंसी की किल्लत से बैंक भी लोगों की जरूरतों को पूरी तरह से पूरी नहीं कर पा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर के विभिन्न बैंकों को आरबीआई से करेंसी नहीं मिलने से बैंक लोगों को 24 हजार रुपये तक नहीं दे पा रहे हैं।
हालांकि पूर्वांचल बैंक के लिए कुछ राहत वाली बात है। रिजर्व बैंक से 55 करोड़ रुपये मिलने से पूर्वांचल बैंक को काफी राहत मिल गई है। लीड बैंक मैनेजर आरके सिंह ने कहा कि शनिवार को रिजर्व बैंक से करीब 200 करोड़ रुपये मिले हैं। अब यह रकम बस्ती चेस्ट करेंसी को भेजी जा रही है, जहां से विभिन्न बैंकों को भेजी जाती है। इससे एटीएम में सुधार आने की संभावना है। शनिवार को शहर के 256 एटीएम से मात्र 26 एटीएम ही चल सके थे।
अब किसी शाखा को बंद नहीं होने देंगे: एके सिन्हा
पूर्वांचल बैंक के अध्यक्ष एके सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी के शुरुआती दौर में उनके खाताधारकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। शाखाओं के बंद रहने से खाताधारक अपनी जमा रकम भी नहीं निकाल सके। शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को हुई परेशानी के लिए हम क्षमा मांगते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। शनिवार को आरबीआई से 55 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे स्थिति में काफी सुधार है। अब हम किसी भी शाखा को बंद नहीं होने देंगे। इसके साथ ही हमने लोगों की सुविधाओं के लिए ई-कामर्स की शुरुआत कर रहे हैं। इसके लिए हमें लाइसेंस मिल गया है। ग्राहक सेवा केंद्रों को 2000 माइक्रो एटीएम भी लगा रहे हैं। इस मौके पर महाप्रबंधक ओपी सिंह, विपुल कुमार, मुख्य प्रबंधक एके पांडेय भी मौजूद थे।