गोरखपुर। विजय चौराहे के पास रहने वाले हॉस्टल मालिक और मैनेजर पर युवकों ने मंगलवार की रात कैंची से हमला करके घायल कर दिया। कनपटी पर पिस्टल सटाकर ट्रिगर दबाया लेकिन गोली मिस हो गई। शोर मचाने पर पहुंच हॉस्टल के कर्मचारियों ने छात्रों की मदद से तीन हमलावरों को बाइक के साथ पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि युवकों ने लेनदेन के विवाद में हमला किया है।
विजय चौराहा, गैस गोदाम गली के पास संतोष अपार्टमेंट में रहने वाली आरती सिंह का आवास के पास ही हॉस्टल है। अलीनगर कुर्मियान टोला के रहने वाले नरेंद्र श्रीवास्तव उनके यहां मैनेजर का काम करते हैं। हॉस्टल के निर्माण में आरती ने अलीनगर, कुर्मियान टोला में रहने वाले कई परिवार के लोगों से रुपये उधार लिए थे। इसकी वापसी को लेकर विवाद चल रहा है।
13 लाख रुपये उधार देने का दावा करने वाले गोरखनाथ, राजेंद्रनगर निवासी संतोष सिंह अपने दो भाईयों एवं कुर्मियान टोला में रहने वाले दोस्त आकाश चौधरी के साथ मंगलवार की रात 11 बजे आरती के आवास पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी के हाथ में पिस्टल, तमंचा था। धक्का देकर दरवाजा तोड़ने के बाद चारों आरती के कमरे में दाखिल हो गए। पिटाई करने के बाद कमरे में रखी कैंची से उनके दोनों हाथ, सीने और पीठ पर हमला कर घायल कर दिया। कमरे में मौजूद आठ साल के बेटे कुलदीप की पिटाई कर किनारे कर दिया। शोर सुनकर मैनेजर नरेंद्र पहुंचे तो पिस्टल की बट से चेहरे और सिर पर हमला कर घायल कर दिया। युवकों ने कनपटी पर पिस्टल सटा ट्रिगर दबाया लेकिन गोली मिस कर गई। शोर सुनकर हॉस्टल के सुरक्षा गार्ड विजय पांडेय छात्रों को लेकर कमरे में पहुंचे। घेराबंदी कर संतोष, उसके एक भाई और आकाश को पकड़ लिया।
चकमा देकर एक युवक बाइक लेकर भाग निकला। कोतवाली पुलिस युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जिला अस्पताल में भर्ती आरती और नरेंद्र की हालत डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताई है। इंस्पेक्टर विजयराज सिंह ने बताया कि फरार हुए चौथे हमलावर की तलाश चल रही है। लेनदेन के विवाद में युवकों ने हॉस्टल मालिक और मैनेजर पर हमला किया है।