बेलीपार क्षेत्र में सोमवार की सुबह अमियार ताल के किनारे कई गांवों की गेहूं की फसल में आग लग गई। सूचना देने के दो घंटे बाद भी फायर ब्रिगेड के न पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने गोरखपुर - वाराणसी मार्ग जाम कर दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पथराव कर रोडवेज की बसों के साथ ही एक दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ की।
आग के विकराल होने पर एसएसपी ने एयरफोर्स के साथ ही एसएसबी के दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा लेकिन इससे पहले आग बुझ चुकी थी। दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक जाम होने से हाईवे पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई।
बेलीपार प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार सुबह 10:30 बजे कुसमौल में नगरी कालिका स्थान के पास गेहूं की फसल में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग के बेकाबू होने पर सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के साथ ही एसओ को दी। आग की चपेट में आने से अमियार (आमी ताल के किनारे) स्थित डंवरपार, चंदौली, नाउरदेऊर, भस्मा गांव किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जल गई। दोपहर 12:30 बजे डंवरपार चौराहे पर जुटे इन गांव के लोगाें ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दोपहर 1:30 बजे गोरखपुर - वाराणसी मार्ग जाम कर दिया। समय से दमकल की गाड़ी न पहुंचने से ही आग के विकराल होने का आरोप लगाकर प्रदर्शन करने के साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पथराव में रोडवेज की 17 बसों के अलावा दो ट्रकों का शीशा टूट गया और कई लोग घायल हो गए। जाम के कारण गोरखपुर - वाराणसी मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। तीन बजे पहुंचे एसडीएम गोला मोतीलाल सिंह ने समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने।
जानकारी के बाद एसएसपी अनंत देव ने एयरफोर्स, एसएसबी के अफसरों से बात कर मदद मांगी। चार बजे के करीब एयरफोर्स, एसएसबी के दमकल की गाड़ी बिस्टौली, भरवलिया होते हुए हरदिया गांव के सीवान में पहुंच गई थी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई। वहीं सर्वे कराकर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन एसडीएम गोला मोतीलाल सिंह, एसपी (क्राइम) प्रदुम्मन सिंह के देने पर शाम 4:30 बजे जाम हटा।
अगलगी में एक हजार एकड़ से अधिक फसल जलकर राख हो गया। प्रशासन इसमें केवल 150 एकड़ क्षेत्र में ही गेहूं होने की बात कह रहा है। शेष क्षेत्र में कंबाइन से कटे गेहूं का डंठल होने की बात एसडीएम ने बताई।