डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करने पहुंची रेप पीड़ित को समझाते पुलिस अधिकारी।
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मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर रेप पीड़ित युवती डीएम दफ्तर के सामने शनिवार को आत्मदाह करने पहुंच गई। इससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन, एसपी (सिटी), सीओ कैंट ने युवती के हाथ से केरोसिन का गैलन लेकर महिला थाना प्रभारी के साथ उसे थाने भेज दिया। पीड़ित चौरीचौरा पुलिस पर आरोपी को पकड़ने के बाद थाने से छोड़ने का आरोप लगा रही थी।
कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली युवती चार जनवरी को तरकुलहा मेला गई थी। लौटते समय मोहल्ले में आने वाले युवक ने घर छोड़ने का झांसा देकर बाइक पर बैठा लिया और कुसम्ही जंगल में जाकर उससे रेप किया। कोर्ट के निर्देश पर चौरीचौरा पुलिस ने खोराबार, डांगीपार के रहने वाले वकील चौधरी पर अपहरण और रेप का केस दर्ज किया।
पीड़ित का कहना है कि 18 अप्रैल को चौरीचौरा पुलिस वकील को पकड़कर थाने लाई और देर शाम उसे छोड़ दिया गया। शुक्रवार को वह एसएसपी से मिलने गई लेकिन मुलाकात नहीं हुई। उसने प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की लेकिन किसी ने समाधान नहीं कराया। इससे आहत होकर युवती शनिवार दोपहर गैलन में केरोसिन लेकर डीएम आफिस आत्मदाह करने पहुंच गई। घटना की जानकारी होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
एसपी सिटी हेमराज मीना, सीओ कैंट अभय मिश्रा, सीओ कोतवाली अशोक पांडेय, इंस्पेक्टर कैंट राजीव सिंह मौके पर पहुंचे और महिला थाना प्रभारी को बुलाकर उसे हिरासत में ले लिया। जानकारी मिलने पर एडीएम प्रशासन लवकुश कुमार भी पहुंचे और एसओ चौरीचौरा से फोन पर बातकर कार्रवाई का निर्देश दिया।
आरोपी को बचा रही है चौरीचौरा पुलिस
रेप पीड़िता ने चौरीचौरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। उसने कहा कि पहले उसका मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ तो अब आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। चौरीचौरा पुलिस दुष्कर्म के आरोपी को बचा रही है। उसने कहा कि अगर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती है तो वह आत्मदाह कर लेगी।
आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की दे रहा धमकी
रेप का आरोपी वकील चौधरी का युवती के मोहल्ले में आना-जाना था। इसी दौरान दोनों की थोड़ी जान-पहचान हो गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने युवती को तरकुलहा मेले से लौटते समय बाइक पर बैठा लिया और गाड़ी चेक होने का झांसा देकर कुसम्ही जंगल में ले जाकर रेप किया। अब मुकदमा दर्ज कराने के बाद आरोपी पीड़ित पर समझौता करने का दबाव बना रहा है और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा। पुलिस इसे प्रेम-प्रसंग का मामला बताकर कार्रवाई से बच रही है।
चार जनवरी हुई घटना के बाद पीड़ित चौरीचौरा थाने गई तो मामला खोराबार का बताकर लौटा दिया गया। पुलिस के टाल-मटोल करने पर उसने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। निर्देश मिलने पर चौरीचौरा पुलिस ने अपहरण और रेप का केस तो दर्ज कर लिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि वकील फोन पर अक्सर समझौता करने का दबाव बना रहा है। 11 अप्रैल को बांसगांव के रिश्तेदार के घर जाते समय फोन कर उसने समझौता न करने पर पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी देने लगा। इसक बाद बांसगांव थाने में पीड़ित ने वकील पर धमकी देने का केस दर्ज कराया है।