तिवारीपुर के निजामपुर में मंगलवार को हुए बवाल के बाद बुधवार को सख्ती के बीच शांति बनी रही। एहतियातन डीएम, एसएसपी ने सुबह फोर्स के साथ फ्लैग मार्च किया। थानाक्षेत्र को चार जोन, 12 सेक्टरों में बांटकर एएसपी समेत 500 पुलिसकर्मी और छह कंपनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है। सीओ और मजिस्ट्रेट को सेक्टरों की निगरानी का जिम्मा दिया गया है।
डीएम ओएन सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा बुधवार सुबह तिवारीपुर थाने पहुंचे और हालात की जानकारी लेने के बाद फोर्स के साथ क्षेत्र में भ्रमण किया। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए आईजी ने फोर्स बढ़ा दी। चार एएसपी, 10 सीओ, 30 एसओ, 88 दरोगा, 24 हेड कांस्टेबल, 330 सिपाही और छह कंपनी पीएसी लगा दी गई।
तिवारीपुर क्षेत्र के घसीकटरा, इलाहीबाग, निजामपुर, घोषीपुरवा, नरसिंहपुर, जाफरा बाजार, सूर्यकुंड, बिंद टोलिया में चिह्नित प्वाइंट पर फोर्स को तैनात कर हर घंटे स्थिति की रिपोर्ट ली जा रही है। कंट्रोल रूम को सतर्क कर कोई भी सूचना तत्काल अधिकारियों को देने के साथ ही क्यूआरटी दस्ता और दंगा नियंत्रण दल को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक चूक का परिणाम है घटना : आदित्यनाथ
पथराव में घायल नरसिंहपुर के महेंद्र मझवार से मिलने बुधवार सुबह सांसद आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पीड़ित से घटना की जानकारी लेकर उन्होंने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा। महंत ने कहा कि तिवारीपुर में हुआ बवाल प्रशासनिक चूक का परिणाम है।
थानेदार ने नहीं दिखाई संजीदगी
निजामपुर में हुए विवाद के मामले में एसओ तिवारीपुर राजनाथ सिंह ने संजीदगी नहीं दिखाई। प्रार्थना पत्र मिलने के बाद मामले को गंभीरता नहीं लिया। दोनों पक्षों के बीच टकराव शुरू होने के बाद पहले दिन मौके पर पहुंचकर स्थिति को जानने का प्रयास भी नहीं किया। वह केवल दोनों पक्ष को बातचीत के लिए थाने ही बुलाते रहे, जिसके कारण मामला बढ़ा।
आईजी ने मौके पर जाकर विवाद निपटाने का दिया निर्देश
आईजी मोहित अग्रवाल ने जोन के सभी पुलिस कप्तानों को दो वर्ग से जुड़े किसी भी मामले को मौके पर जाकर तत्काल निपटाने का निर्देश दिया है। अपने स्तर से मामला न निपटने पर उन्होंने थानेदारों से इसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों को देने के साथ ही स्थिति ठीक होने पर खुद मौजूद रहने को कहा है।
15 लोगों का शांतिभंग में चालान
पुलिस ने फ्लैग मार्च के दौरान मंगलवार शाम पकड़े गए 15 लोगों का शांति भंग में चालान किया। पकड़े गए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया है। शाम को सभी को तिवारीपुर पुलिस ने सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया, जहां से चार लोगों को जेल भेज दिया गया।
डीजीपी के आदेश पर हुआ अमल
रमजान शुरू होते ही डीजीपी जाविद अहमद ने प्रदेश के सभी पुलिस को कप्तानों को अपने जिले में स्थिति संवेदनशील जगहों को चिह्नित कर चौकसी बरतने का निर्देश दिया था। उनके आदेश से सभी थानेदारों को भी अवगत कराया गया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। तिवारीपुर में बवाल होने के बाद आनन-फानन में उनके आदेश पर अमल शुरू कर दिया गया।