सुषमा और उसके प्रेमी डब्लू सिंह ने बड़े ही शातिराने अंदाज में विवेक की हत्या की साजिश रची थी। हत्या को हादसा दिखाने की योजना बनाकर डब्लू अपने तीन साथियों के साथ विवेक के घर में दाखिल हुआ था लेकिन पुलिस की सक्रियता ने उसकी मंशा पर पानी फेर दिया। विवेक के घर से थोड़ी दूरी पर कार खड़ी करना और हत्या के बाद शव को कार तक ले जाने के लिए विवेक की ही बाइक के इस्तेमाल के पीछे मकसद घर में किसी को भी गाड़ी के बदली आवाज या फिर बड़ी गाड़ी के आने का शक न होने देना था। हत्यारों ने अपने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिए थे ताकि पुलिस उनकी लोकेशन न मिल पाए, मगर उनकी ज्यादा चालाकी ही उनके गले की फांस बन गई और चंद मिनटों में वे जेल पहुंच गए।
पुलिस की पूछताछ से पता चला है कि प्रेमी डब्लू और प्रेमिका सुषमा ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची थी। इसके लिए ही डब्लू ने चार पहिया वाहन का इस्तेमाल किया। अपने एक साथी को गाड़ी में छोड़कर वह दो अन्य के साथ घर में दाखिल हुआ। सुषमा ने तय समय पर दरवाजा खोल दिया और सभी आसानी से घर में घुस गए। विवेक की हत्या के बाद डब्लू और उसका एक साथी बाइक से शव लेकर कार तक पहुंचे मगर वहां कार नहीं थी जहां उसे खड़ा किया गया था।
दरअसल जब डब्लू हत्या करने पहुंचा, उसी दौरान डायल 100 के पुलिस वालों की नजर उसकी गाड़ी पर पड़ गई। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस ने गाड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज पुलिस चौकी भेज दी। चालक ने डब्लू को फोन कर बताना चाहा, मगर मोबाइल स्विच ऑफ होने से बात नहीं हो सकी। उधर, मौके पर कार न मिलने पर दोनों आरोपी बाइक से विवेक का शव लेकर मुख्य सड़क की ओर जाने लगे, लेकिन आरोपियों में से कोई भी गलियों से वाकिफ नहीं था। लिहाजा पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस को डब्लू ने बताया कि विवेक के शव को कार में लादकर हाइवे पर ले जाना था। वहां विवेक को बाइक पर बैठाकर गाड़ी से कुचल दिया जाता ताकि यह घटना सड़क हादसा लगे।
छह साल पहले हुई थी दोनों की शादी
विवेक की शादी 6 मार्च 2011 को देवरिया के पथरहट गांव के सुरेंद्र बहादुर सिंह की बेटी सुषमा के साथ हुई थी। दोनों का एक बेटा अरुण है, मगर शादी के बाद भी सुषमा की गांव के प्रेमी डब्लू सिंह से बातचीत होती थी। हालांकि घर वाले पूरी तरह से बहू के प्रेमी से अंजान थे।
दो महीने डब्लू के साथ रह चुकी थी सुषमा
डब्लू सिंह और सुषमा के बीच दस साल से प्रेम संबंध चल रहा था। शादी से पहले सुषमा ने डब्लू के साथ भागकर कथित रूप से शादी भी की थी। दोनों दो महीने तक साथ रहे थे, मगर पुलिस का दबाव बढ़ने पर डब्लू ने सुषमा को घर भेज दिया। इसके बाद सुषमा के घरवालों ने उसकी शादी कर दी। शादी के बाद भी वह प्रेमी को भूल नहीं पाई थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती। चोरी-छिपे दोनों अक्सर मिला भी करते थे।
18 मार्च को जेल से रिहा हुआ था डब्लू
डब्लू पर पहले भी हत्या और हत्या की साजिश के छह मुकदमे दर्ज हैं। 2013 में पथरहट के बीडीसी सदस्य और पूर्व प्रधान अरुण सिंह की हत्या के बाद वह चर्चा में आया था। मचिया चौराहे पर बीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उसे इस मामले में जेल भेजा था। 18 मार्च को ही वह जमानत पर रिहा हुआ था। डब्लू पर जेल के अंदर से शराब के एक व्यापारी को जान से मारने की साजिश का भी आरोप लगा था। डब्लू पर बलवा, आर्म्स एक्ट, हत्या के भी दो मुकदमे दर्ज हैं।
मां ने हाथ पकड़ा, अंकल लोगों ने ईंट से मारा
प्रेम में अंधी मां की करतूत देख पांच साल का बेटा अरुण भी सहम गया है। पुलिस और घरवालों के आते ही वह चीख पड़ा। रोते-रोते उसने बताया कि मां ने पापा का पहले हाथ पकड़ा और फिर अंकल लोगों ने ईंट से उन्हें मार दिया। मुझसे लोगों ने कहा था कि तुम शोर मचाओगे तो तुम्हें भी मार दिया जाएगा। पिता की मौत के बाद बच्चा सहमा पड़ा रहा, जबकि लेकिन मां बगल में आराम से सो रही थी। पुलिस ने जब सुषमा को हिरासत में लिया तो बच्चे ने रो-रोकर पूरी हकीकत बता दी। वारदात के बाद सहमे आरुष को घरवालों ने उसकी बुआ के घर भेज दिया ताकि वह सदमे से उबर सके। वह बार-बार वह मां की करतूत बता रहा था।
पत्नी की करतूत की विवेक को लग गई थी भनक
पूछताछ में डब्लू ने पुलिस को बताया है कि विवेक को भी मेरे और सुषमा के प्रेम संबंध के बारे में पता चला गया था और वह मेरी हत्या कर देता। यही वजह थी कि इसके पहले ही हम लोगों ने उसकी हत्या कर दी। हालांकि पुलिस डब्लू के इस बयान को खुद के बचाव में गढ़ी गई कहानी मान रही है, लेकिन विवेक के फेसबुक पर कुछ पोस्ट ऐसे भी हैं जो इस ओर इशारा कर रहे है कि वह कुछ दिनों से बहुत परेशान था।