खजनी के नकदह में शनिवार की रात टेंपो चालक की लाश कमरे में खून से सनी मिली। सिर पर कुल्हाड़ी और हथौड़ा से हमला कर उसकी हत्या की गई थी। वह बहन के घर रहकर पशुओं और खेत की देखभाल करता था। बदबू आने के कारण शव दो दिन पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। टेंपो चालक के फुफेरे भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर है।
सहजनवा के बोक्टा गांव निवासी रामललित यादव (35) खजनी के नकदह में रहन वाले बहनोई पराग यादव के घर रहते थे। टेंपो चलाकर परिवार जीविका चलाने के साथ ही बहन के घर और खेत की देखभाल करता था। बहनोई परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। शनिवार की रात आठ बजे गांव की एक महिला गाय का दूध निकालने के लिए रामललित को बुलाने गई। घर के अगले हिस्से का दरवाजा बंद था।
आवाज देते हुए वह पिछले हिस्से में गई तो दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाने पर महिला ने बिस्तर पर खून से सना अर्द्धनग्न शव देख शोर मचाते हुए बाहर निकली। ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे खजनी एसओ सिपाहियों की ड्यूटी लगाकर रात में लौट आए। सुबह फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचकर शव कब्जे में लिया। कमरे में शव के पास खून से सनी कुल्हाड़ी और हथौड़ा पड़ा था। चेहरा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था।
आसपास के लोगों ने बताया कि 29 अप्रैल की शाम रामललित को अंतिम बार देखा था। फुफेरे भाई उमाशंकर ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से गुत्थी को सुलझाने की कोशिश चल रही है।
कमरे में नहीं मिला रामललित का मोबाइल
पुलिस की छानबीन में रामललित का मोबाइल कमरे में नहीं मिला। परिवार के लोगों ने बताया कि दो दिन से उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। मोबाइल डिस्चार्ज या गड़बड़ होने की आशंका जता उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया। बिस्तर के नीचे मिले पैंट में साइकिल और बाइक की चाबी मिली।
रामललित की नहीं हुई थी शादी
रामललित दो भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी शादी नहीं हुई थी। बड़ा भाई भी लकवा ग्रस्त है। उसका उपचार चल रहा है। करीब तीन साल से यह बहन के यहां रहकर घर की रखवाली कर रहा था।