गोला के हरपुर गांव में लकड़ी कारोबारी ने पत्नी की उस्तरे से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद अपने पेट और गले पर उस्तरे से वार करके खुद को भी मार डाला। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कारोबारी के दो बच्चे (छह साल की लक्ष्मी और 12 साल का बेटा रुद्रेश) हैं।
हरपुर गांव निवासी वीरेंद्र सिंह (35) लकड़ी का कारोबार करते थे। शुक्रवार को पत्नी प्रमिला (35) से किसी बात को लेकर उनका विवाद हुआ। पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट की नौबत आ गई। इससे नाराज होकर कारोबारी ने घर के कोने में रखा उस्तरा उठाया और पत्नी पर हमला बोल दिया। वीरेंद्र ने पत्नी के गले पर कई वार किए और फर्श पर तड़पता छोड़ दिया। गुस्सा शांत होने के बाद उसे जब गलती का एहसास हुआ तो उसने अपने पेट में उस्तरा घोंपा, फिर अपना गला काट दिया।
घटना हरपुर गांव स्थित कारोबारी के घर में दूसरी मंजिल पर हुई थी। उस समय छह वर्षीय बेटी घर के ग्राउंड फ्लोर पर खेल रही थी, जबकि बेटा कुछ सामान लेने दुकान गया था। गोला प्रतिनिधि के मुताबिक बेटे ने ही खून से लथपथ माता-पिता को फर्श पर गिरा देखा और घरवालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना पाकर सीओ गोला केशव सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक घंटे पहले समझाकर लौटे थे बड़े भाई
पत्नी की हत्या करके खुद जान देने वाले वीरेंद्र के बड़े भाई गजेंद्र सिंह गोला चौराहे पर रहते हैं। गजेंद्र के मुताबिक छोटा भाई अक्सर पत्नी से झगड़ा करता था। शुक्रवार को भी उसका विवाद हुआ था। गांव वालों ने घर जाकर भाई को समझाया भी था। इसके बाद किसी बात को लेकर दोनों में फिर विवाद हुआ और मामला खून-खराबे तक जा पहुंचा।
अनाथ हो गए दो मासूम बच्चे
वीरेंद्र सिंह और प्रमिला के दो बच्चे रुद्रेश (12) और लक्ष्मी (6) हैं। परिवार में सब अच्छा चल रहा था लेकिन विवाद ने भरा-पूरा परिवार तबाह कर दिया। दो मासूम बच्चे चंद मिनटों में ही अनाथ हो गए। छोटी बच्ची बहुत कुछ नहीं समझ पा रही है लेकिन बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बुजुर्ग पिता भी टूट गए हैं।
पति-पत्नी की लाश एक ही कमरे से मिली है। मृतक के भाई ने बताया कि वह शराबी था और आए दिन झगड़ा करता था। शुक्रवार को भी विवाद हुआ। इसके बाद वीरेंद्र ने पहले पत्नी को मारा, फिर आत्महत्या कर ली।
- केशव सिंह, सीओ गोला